राहुल गांधी प्रशासन की मंजूरी के बिना ही हिंसाग्रस्त सहारनपुर के लिए रवाना, रोकने का होगा प्रयास

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   27 May 2017 1:01 PM GMT

राहुल गांधी प्रशासन की मंजूरी के बिना ही हिंसाग्रस्त सहारनपुर  के लिए रवाना, रोकने का होगा प्रयासकांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का सहारनपुर दौरा।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी प्रशासन की मंजूरी के बिना ही शनिवार को हिंसाग्रस्त सहारनपुर जिले के लिए रवाना हो गए। राहुल गांधी वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और राज बब्बर के साथ दिल्ली से रवाना हुए। सहारनपुर में जातीय संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए थे।

राज्य प्रशासन द्वारा राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर को प्रदेश में लैंड करने की मंजूरी नहीं मिलने के बाद वह सड़क मार्ग से सहारनपुर जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेताओं के सहारनपुर दौरे को मंजूरी नहीं देने का आदेश दिया है।

एडीजी एलओ (लॉ एंड ऑर्डर) आदित्य मिश्रा बताते हैँ, "कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गाँधी सहारनपुर के हिंसा पीड़ित गाँव शब्बीरपुर में पीड़ितों से शुक्रवार को मिलने की इजाजत मांगी थी जहां उन्हें शहर के माहौल को देखते हुए प्रशासन की तरफ से इजाजत नहीं दी गई। जबकि राहुल गाँधी सहारनपुर के लिए निकल चुके हैं लेकिन उन्हें जिले के बार्डर पर रोकने का प्रयास किया जाएगा।"

उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को राहुल गांधी को भी सहारनपुर जिले के हिंसाग्रस्त गांवों का दौरा करने की मंजूरी नहीं दी। प्रशासन ने राज्य की नीति को ध्यान में रखते हुए स्थिति सामान्य होने तक नेताओं के वहां पहुंचने पर रोक लगाई हुई है।

अगर इजाजत नहीं मिली तो राहुल देंगे गिरफ्तारी

सूत्रों ने कहा कि अगर प्रभावित इलाकों में पीडितों से मिलने की इजाजत नहीं दी गई तो राहुल गिरफ्तारी देंगे। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘वे गरीबों, दलितों और आदिवासियों की आवाज दबा नहीं सकते। राहुल गांधी और कांग्रेस उनकी आवाज उठाते रहेंगे।''

उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी हिंसा के पीड़ितों तक राहुल को पहुंचने से नहीं रोक सकता। यह हिंसा भाजपा के गुंडों के द्वारा कराई गई।''

सहारनपुर में हाल के दिनों में जातीय हिंसा हुई है, हिंसा की शुरुआत करीब 40 दिन पहले अंबेडकर जयंती के जुलूस के बाद हुई थी। बीते पांच मई को शब्बीरपुर में दलितों के मकानों को आग लगा दी गई थी और झड़पों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 15 लोग घायल हो गए थे। इसके बाद नौ मई को हिंसा फिर भड़की जिसमें पुलिस के करीब एक दर्जन वाहनों में आग लगा दी गई और 12 पुलिसवाले घायल हो गए।

बीते 23 मई को एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई और दो अन्य को घायल कर दिया। इसके बाद सरकार सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला अधिकारी को निलंबित कर दिया तथा मंडलायुक्त को एवं उप पुलिस महानिरीक्षक का तबादला कर दिया। केंद्र सरकार ने शांति बहाली में राज्य सरकार की मदद के लिए करीब 400 दंगा रोधी पुलिसकर्मिसों को सहारनपुर भेजा है।

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के इस सप्ताह की शुरुआत में सहारनपुर का दौरा करने के बाद हिंसा भड़क गई थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने यह फैसला किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमार शैलजा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.एल.पुनिया को सहारनपुर का दौरा करने की मंजूरी नहीं मिली।

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