गाँव कनेक्शन विशेष-कई ज़िलों में नहीं शुरू हुई धान खरीद,पढ़ें पूरी रिपोर्ट 

गाँव कनेक्शन विशेष-कई ज़िलों में नहीं शुरू हुई धान खरीद,पढ़ें पूरी रिपोर्ट फोटो: गाँव कनेक्शन 

लखनऊ। प्रदेश भर में धान खरीद शुरू हो गई है, सरकारी केन्द्रों की सुस्त रफ्तार ऐसी ही रही तो खरीद केन्द्र अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएंगे। गाँव कनेक्शन ने प्रदेश के कई जिलों में धान खरीद की स्थिति जानी कि अभी कई केन्द्रों पर खरीद नहीं शुरू हो पायी है।

कन्नौज जिले में धान खरीद केंद्रों में अभी भी धान खरीद नहीं शुरू हो पायी है। जिला मुख्यालय से करीब 75 किमी. दूर सौरिख ब्लॉक क्षेत्र के पट्टी गाँव के किसान मनोज कुमार (40 वर्ष) बताते हैं, ‘‘मुझे पैसों का डर रहता है कि सरकारी पैसा कब मिले। सभी लोग नहीं ला रहे हैं सरकारी केंद्र पर तो हम भी नहीं ला रहे हैं यहां। प्राइवेट में पैसे का विश्वास होता है सरकारी में डर लगता है कि कब मिलेगा पैसा।’’

इस बार धान खरीदने की ऑनलाइन व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को फायदा भी हो रहा है तो कई किसान जानकारी के आभाव में धान को नहीं बेच पा रहे हैं।

प्रदेश में एक अक्टूबर 2017 से 31 जनवरी तक लखीमपुर, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ, आगरा, झांसी और चित्रकूट मंडल में और एक नवंबर से 28 फरवरी, लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई जिलों के साथ ही कानपुर, फैजाबाद, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और इलाहाबाद में धान की खरीद की जाएगी।

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वहीं वाराणसी जिले में 18 धान क्रय केंद्र खोले गये हैं, जो एक नवंबर से शुरू भी हो गए हैं, लेकिन अभी तक वहां खरीद शून्य है। इसके पीछे सहकारी समितियों के सचिव की हड़ताल को वजह माना जा रहा था। फिलहाल सचिवों ने हड़ताल वापस ले ली है। कन्नौज में छोटे किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने से कतरा रहे है। थुलेंडी गाँव के गुड्डू (52 वर्ष) बताते हैं, “मेरे पास दो बीघा खेती है, जिसमें से मैंने डेढ़ बीघा में धान लगाया है। धान कटाई के तुरंत बाद मुझे गेहूं की बुवाई करनी है, जिसके लिए मजदूरी, जुताई और बीज का पैसा मुझे नगद देना पड़ता है और सरकारी क्रय केंद्र पर अनाज बेचने से समय पर और नगद पैसा नहीं मिलता है।

कई ज़िलों में नहीं शुरू हुई धान खरीद

जिससे अगली फसल की बुवाई में देरी हो जाती है और निजी कांटो पर हम अनाज कम रेट पर बेच कर नगद पैसा ले लेते हैं।

बाराबंकी के सिद्धौर ब्लॉक के कर्मचारी कल्याण निगम अंदका में उद्घाटन तो हुआ लेकिन धान खरीद नहीं। किसान अवध राम (40 वर्ष) बताते हैं, “हम लोग धान लेकर आते तो हैं, लेकिन क्रय केंद्र पर खरीद न होने की वजह से हमको अपनी फसल बिचौलियों को बेचनी पड़ती है। क्योंकि घर से यहां तक लाना और फिर वापस ले जाना बहुत ही कठिन है।”

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बाराबंकी के ही करीला गाँव के किसान मुकेश कुमार (30 वर्ष) कहते हैं, ‘‘कर्मचारियों के आने-जाने का कोई समय नहीं होता है। अगर हम झूठ बोल रहे हों तो आप खुद चलकर देख लीजिए 11 बज गया है केंद्र पर कोई नहीं आया होगा। किसानों की तो भेड़ चाल होती है।’’

उन्नाव के बांगरमऊ के क्रय केन्द्र पर घंटों खड़े रहने के बाद भी धान खरीद नहीं हो पायी। किसानों ने भी घंटों इंतजार करने का रोना रोया। उनका कहना था कि सुबह से ट्रैक्टर लेकर आए हैं। अभी तक खरीद नहीं हो पाई है। वहीं मार्केटिंग इंस्पेक्टर ने बताया कि एफसीआई ने केंद्र नहीं खोला है। एक अन्य केंद्र में खरीद नहीं की जा रही है। इसलिए सभी किसान उनके केंद्र पर आ रहे हैं। सभी की उपज खरीदने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्नाव जिले के अपर जिलाधिकारी बीएन यादव इस बारे में कहते हैं, “एफसीआई के केंद्र खोलने की अभी जानकारी नहीं है। यह एक गंभीर मामला है। तुरंत एफसीआई के प्रबंधक को पत्र भेजकर केंद्र खोलने के लिए आदेशित किया जाएगा। यदि इसके बाद भी केंद्र नहीं खोला तो कार्रवाई की जाएगी।”

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गोंडा के विकास खंड कटराबाजार के अहियाचेत क्रय केंद्र पर खरीद बंद मिली, यहां पर कोटिया मदारा गाँव से आए किसान दीनानाथ अवस्थी (50 वर्ष) का कहते हैं, “पचास कुंतल धान तैयार है लेकिन कोई एजेंसी धान खरीद को तैयार नही हैं। बनिया एक हजार रूपये में धान खरीद रहे हैं।

विकास खंड पडरीकृपाल के मुडेरवामाफी क्रयकेंद्र पर खरीद शुरू नही हो पायी, यहां पर मिले चिलबिलाखत्तीपुर गाँव के किसान शिवप्रसाद (45 वर्ष) कहते हैं, “यहां पर चार दिन से चक्कर लगा रहा है, लेकिन रोजाना क्रय केन्द्र बंद रहता है।”

पहली बार हो रही है ऑनलाइन खरीद

उत्तर प्रदेश के धान उत्पादक किसानों को अपनी उपज का पूरा लाभ मिल सके और धान खरीद की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रहे इसलिए इस बार खरीफ विपणन वर्ष-2017-18 में किसानों से ऑनलाइन धान खरीदने का फैसला सरकार ने किया है। पहली बार लागू हो रही इस व्यवस्था में किसानों को कोई असुविधा न हो इसके लिए सभी क्रय केन्द्रों पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। किसान जन सूचना केन्द्र, अपने निजी कंप्यूटर या लैपटाप और साइबर कैफे की मदद से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

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तीन हजार केन्द्रों पर हो रही खरीद

इसके लिए तीन हजार क्रय केंद्र खोले गए हैं, उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों से खरीफ वर्ष 2017-18 के लिए 50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदने की घोषणा की है। जिसमें सामान्य धान को न्यूनतम समर्थन मूल्य 1550 प्रति कुन्तल और ग्रेड धान को 1590 प्रति कुन्तल की दर से खरीदा जाएगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य की खरीद पर किसानों को प्रति कुंतल धान पर 10 रूपए की जगह 15 रुपये बोनस भी दिया जाएगा। किसानों को धान बेचने पर आरटीजीएस के माध्यम से 72 घंटे के अंदर भुगतान कर दिया जाएगा।

रिपोर्टर टीम-

  • उन्नाव- श्रीवत्स अवस्थी
  • कन्नौज- अजय मिश्रा
  • वाराणसी- विनोद शर्मा
  • औरैया- इश्त्याक खान
  • बाराबंकी- श्रवण चौहान,कविता द्विवेदी
  • गोंडा- हरिनारायण शुकला
  • गाज़ियाबाद- पंकज त्रिपाठी

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