अब तो शायद हादसे के बाद ही खुलेंगी साहब की आंखे

अब तो शायद हादसे के बाद ही खुलेंगी साहब की आंखेकटना नदी पर बने पुल की हालत खस्ता हो चुकी है।

अनिल चौधरी, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

पीलीभीत। तहसील बीसलपुर से बिलसंडा शाहजहांपुर, गोला-लखीमपुर होते हुए गोण्डा-बस्ती, बहराइच तक जाने वाले मार्ग पर कटना नदी पर बने पुल की हालत खस्ता हो चुकी है। कभी भी इस पुल पर बड़ा हादसा हो सकता है। पुल की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। इसके बाद भी जिले के जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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प्रतिदिन इस पुल से ओवरलोड वाहनों का गुजरना जारी रहता है। अंग्रेजों के समय में बने इस पुल की निचली दीवारों में दरारें पड़ गयी हैं। रेलिंग के पास की सतह टूटने लगी हैं। यह पुल इतना सकरा है कि इस पुल पर प्रतिदिन घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। कई वर्षों से क्षेत्रीय लोग इस पुल के निर्माण की मांग जनप्रतिनिधियों से उठाते रहे हैं।

इस पुल की काफी समय से समस्या बनी हुई थी, लेकिन अब शासन से नए पुल के निर्माण की स्वीकृति मिल गयी है। पैसा स्वीकृत होते ही नये पुल का निर्माण जारी करा दिया जाएगा।
वीपी सिंह, उपजिलाधिकारी, बीसलपुर

यह पुल इतना नीचा है कि बरसात के दिनों में बरसात का पानी इस पुल के ऊपर से बहने लगता है, जिससे पुल पर आवागमन बन्द हो जाता है। बिलंसडा जाने वाले लोगों को काफी घूमकर जाना पड़ता है। इस बारे में ईटगाँव निवासी मनोज सक्सेना (40 वर्ष) ने बताया, “काम के सिलसिले में प्रतिदिन बीसलपुर जाना पड़ता है।

इस पुल के सकरा होने की वजह से घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता है।”बिलसंडा निवासी रामरतन वर्मा ने बताया, “पुल काफी जर्जर हो चुका है। पुल से गुजरते वक्त डर लगता है। हम लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस बारे में बताया, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ। लगता है प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।”

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