राख और भाप के गुबार में झुलस गईं जि़ंदगियां

राख और भाप के गुबार में झुलस गईं जि़ंदगियांगर्म पानी से पांच गुना अधिक तापमान की भाप से मजदूर झुलस गए।

जितेंन्द्र चौहान, अभिषेक पाण्डेय, दिपांशु मिश्र

रायबरेली/लखनऊ। रायबरेली के सरकारी बिजली बनाने के संयत्र में राख सफाई के दौरान पाइप में चोक हो जाने के कारण जब पाइप में ब्लॉस्ट हुआ तो गर्म पानी से पांच गुना अधिक तापमान की भाप से मजदूर झुलस गए।

एनटीपीसी के सूत्रों के अनुसार ऊंचाहार स्थित थर्मल पावर प्लांट के ब्वायलर के धमाके में 21 मजदूरों की मौत और 70 मजदूरों के घायल होने की घटना उस समय हुई जब ब्वायलर से राख हटाई जा रही थी। उसी दौरान पाइप में चोक हो गया और दबाव ज्यादा बनने से पाइप कई जगह फट गया और कई मजदूर चपेट में आ गए।

ये भी पढ़ें- एनटीपीसी हादसा : मरने वालों की संख्या 22 हुई, जांच के लिए टीम गठित

घटनास्थल से 21 शव बरामद किए जा चुके हैं। कम से कम 60-70 लोग घायल हैं। हमारा पहला उद्देश्य हादसे में घायल हुए लोगों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराना है।’ साथ ही उन्होंने कहा कि, मौके पर पुलिस हर स्तर से मदद कर रही है।
आनंद कुमार, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, यूपी

वहीं, एनटीपीसी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में भी हादसे की वजह पाइप का फटना माना है। एनटीपीसी के सूत्र के बताया, “शटडाउन के समय लीकेज होने से इंजीनियर पाइप लाइन में दबाव को कम करने का प्रयास कर रहे थे, उसी समय हादसा हुआ।” तीन एजीएम के भी घायल होने की खबर है। बुधवार दोपहर 3.30 बजे हुए इस हादसे के बाद घायलों को रायबरेली जिला अस्पताल में भेजने के साथ ही लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज और अन्य अस्पतालों में भेजा गया है।

रायबरेली पावरप्लांट के हादसे से गहरा दुख हुआ है। शोक संतृप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं। सरकार घायलों की सहायता कर रही है।
रामनाथ कोविन्द, राष्ट्रपति

कानपुर के पनकी स्थित थर्मल पावर प्लांट में अधिशाषी अभियंता एमएम चतुर्वेदी ने समझाते हुए कहा, “भाप को करीब 500 डिग्री सेल्सियस तक लेकर जाते हैं, जिससे भाप का दबाव करीब 80 एटीएम (वायुमंडलीय दबाव का 80 गुना) तक चला जाता है। ऐसे में जब कोई हादसा होता है तो काफी दूर तक लोग चपेट में आते हैं।”

ये भी पढ़ें- पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पहल से रायबरेली को मिली थी एनटीपीसी की सौगात

ऊंचाहार बिजली उत्पादन संयत्र में कुल छह यूनिट से बिजली उत्पादन होता है, जिस यूनिट में हादसा हुआ वह डेढ़ महीने पहले ही शुरू हुई थी। ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी में 210 मेगावट की पांच यूनिट हैं और 500 मेगावट की नई यूनिट है। इस यूनिट के ब्वायलर की ऊंचाई 90 मीटर थी। एनटीपीसी के पास रहने वाले रऊफ ने बताया, “हादसे के बाद हम वहां से लोगों को लेकर भागे, हमारे बहनोई भी थे उनको भी ले आए हैं वो कम जले हुए हैं।

मेरी संवेदनाएं शोक संतृप्त परिवारों के साथ हैं। घायल लोगों के जल्द स्वास्थ्य की कामना करता हूं।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

ज्यादातर मजदूर बंगाल और बिहार के हैं।” ऊंचाहार एनटीपीसी से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड को बिजली दी जाती है। ब्वायलर कैसे काम करता है उसके बारे में आईआईटी कानपुर के मैकेनिकल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर शांतनु डे ने बताया, “ट्यूब काफी हाई क्वालिटी की होती हैं, कोयले को जलाकर पाइप से पानी ले जाकर भाप बनाई जाती है। इस भाप को 500 डिग्री सेल्सियस तक लेकर जाते हैं।”

रायबरेली के एनटीपीसी संयंत्र में दुर्घटना से गहरा दुःख हुआ है। प्रदेश सरकार पीड़ित परिवार के साथ है।
योगी आदित्यनाथ, सीएम यूपी

वहीं, भारतीय मजदूर संघ के जिला महामंत्री, रामदेव सिंह ने एनटीपीसी के प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “इस यूनिट में आठ दिन पहले हूटर बजा था, इसमें सुरक्षा के मानकों की अनदेखी की गई।

ये भी पढ़ें- एनटीपीसी हादसा: मजदूर संघ के महामंत्री का आरोप एनटीपीसी के प्रबंधन की लापरवाही से हुआ हादसा

मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिवार के साथ हैं। प्रशासन से आग्रह है घायलों को तत्काल मदद दी जाए।
राहुल गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष

मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपए का मुआवजा

मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया है। इसके अलावा गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये और सामान्य घायलों को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया गया है। सीएम ने रायबरेली के डीएम और अन्य वरिष्ठ अफसरों को घायलों के समुचित इलाज का निर्देश दिया है।

खेती और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली मशीनों और जुगाड़ के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top