बागपत : पंचायत ने लिया फैसला, “अगर घर में शौचालय नहीं तो नहीं करेंगे बेटी की शादी”

बागपत : पंचायत ने लिया फैसला, “अगर घर में शौचालय नहीं तो नहीं करेंगे बेटी की शादी”गाँव में पंचायत में उपस्थित ग्रामीण 

बागपत। बागपत जनपद में राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित गांव ब्राहमणपुट्ठी के लोगों ने पंचायत कर एक फैसला लिया है। ग्रामीणों ने पंचायत कर निर्णय लिया है कि जिस घर में शौचालय नही होगा, वे उस गांव में अपनी बेटी की शादी नही करेंगे।

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यही नहीं इसके लिए एक समिति का भी गठन किया गया, जिसमें गांव की महिलाओं को भी शामिल किया गया है। ब्राहमण बाहुल्य ब्राहमणपुट्ठी गांव की आबादी 1300 है। वर्ष 2008 में सफाई के मामले में गांव को राष्ट्रपति द्वारा अवार्ड दिया गया था।

यह पंचायत गांव के प्राइमरी विद्यालय में आयोजित की गई थी। पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि गांव में तो अधिकतर ग्रामीण शौचालय का निर्माण करा चुके है। मगर देखने में आता है कि जिस गांव में बेटियों की शादी की गई है, वहां पर आज तक भी शौचालय नही बन सके है। घंटों तक चली पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिस भी गांव या फिर शहर के घर में बेटी की शादी की जाएगी, उसमें देखा जाएगा कि उनके घर के अंंदर शौचालय है या नही। यदि शौचालय नहीं है तो ऐसे घर और गांव में पुत्री की शादी कतई नहीं की जाएगी।

इसके लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया। कमेटी में शामिल लोग जिस घर में बेटी की शादी होनी है, उसमे शौचालयों के होने व न होने की जांच करेगे। इसके अलावा कमेटी के सदस्य गांव-गांव में जाकर भी लोगों को अपनी बेटी की शादी ऐसे घर में नही करने की सलाह देंगे जिसके अंदर शौचालय न हो।

नेपाल पंडित की अध्यक्षता व वर्तमान प्रधान राजकुमार के संचालन मे संपन्न हुई इस पंचायत में गांव की महिलाओं ने भी बढ-चढकर हिस्सा लिया । महिलाओं ने कहा कि वे भी गांव-गांव जाकर महिलाओं को शौचालय बनवाने व पुत्री की शादी शौचालय बने मकान में करने को जागरुक करेगी।

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राजवती कुमारी जो कि कमेटी की महिला है वो बताती है कि हम गाँव-गाँव जा कर लोगो को जागरूक करेंगे जिससे लोग अपनी बेटी की शादी वहीँ करेंगे जहाँ शौचालय होगा। और उसकी हम जांच भी करेंगे ।

विवेक कुमार यादव, (एसडीएम बागपत ) ने गांव कनेक्शन से कहा कि अन्य गांव को भी प्रेरणा लेकर ऐसा निर्णय लेना चाहिए। तभी गांव को शौच मुक्त किया जा सकता है ।

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