उत्तर प्रदेश

“पंडित दीनदयाल उपाध्याय” के नाम पर होगी राज्यकर्मी कैशलेस इलाज योजना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियो, पेंशनर्स तथा उनके परिवार के आश्रित सदस्यों को आकस्मिक एवं असाध्य रोगों के कैशलेस इलाज के लिए बनी योजना का नाम  ‘‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मी कैशलेस चिकित्सा योजना” कर दिया गया है। जिसके अंतर्गत लगभग एक करोड़ राज्यकर्मियों सहित उनके परिवार लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है।
यह जानकारी प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि अब तक दो लाख परिवारों द्वारा कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत आवेदन पत्र प्रस्तुत किए जा चुके हैं। प्रदेश के 17 लाख परिवारों को इस योजना के तहत लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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राज्य कर्मचारियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्थित सीजीएचएस अनुबंधित निजी चिकित्सालयों, एसपीजीआईऔर केजीएमयू में असाध्य रोगों के कैशलेस चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सिंह ने बताया कि इस योजना के संचालन हेतु आनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। सरकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स वेबसाइट पर आवेदन कर सकते है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के समस्त विभागों के आहरण वितरण अधिकारी एवं जनपदों के मुख्य और वरिष्ठ कोषाधिकारियों के पंजीकरण के उपरान्त कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के पंजीकरण का प्राविधान किया गया है।

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योजनान्तर्गत पंजीकृत आहरण वितरण अधिकारी एवं कोषाधिकारी ही राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स का पंजीकरण कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य कर्मचारियों के पंजीकरण से पूर्व यह आवश्यक है कि राज्य सरकार के समस्त विभागों के आहरण वितरण अधिकारी एवं कोषाधिकारी अपना पंजीकरण वेबसाइट पर दिए गए दिशा निर्देशों के अनुरुप करा लें। योजना के संबंध में आवश्यक समस्त सूचनाएं एवं पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित दिशा निर्देश वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए है।

निजी चिकित्सालयों को अनुबंधित करने का काम जारी

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सीजीएचएस अनुबंधित निजी चिकित्सालयों को ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना‘ के अंतर्गत अनुबंधित करने के लिए प्रक्रिया जारी है। एसपीजीआई, केजीएमयू एवं अन्य ऐसे चिकित्सा संस्थानों को इस योजना से अनुबंधित करने की करने की कार्यवाही भी त्वरित गति से की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु समस्त कर्मचारियों को आनलाइन पंजीकरण के उपरान्त स्टेट हेल्थ कार्ड उपलब्ध होंगे, जिसकी सहायता से अनुबंधित चिकित्सालयों में पहचान के उपरान्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार नम्बर होना अनिवार्य है।