साइबर ठगों के जाल में आसानी से फंस रहे लोग

साइबर ठगों के जाल में आसानी से फंस रहे लोगउन्नाव जिले में बढ़ रहे साइबर क्राइम के मामले

उन्नाव। जिले में साइबर ठगी के मामलों में तेज़ी आ गई है। फोन पर लालच देकर साइबर ठग आसानी से उन ग्राहकों को अपना शिकार बना रहे हैं, जिन्हें बहुत ज्यादा जानकारी नहीं होती। ठगों द्वारा एटीएम डिटेल्स लेकर उनके एकाउंट से आसानी से पैसे उड़ा दिया जाते हैं। साइबर ठग धोखे से फोन काल कर एटीएम कार्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर लेते हैं और फिर दूसरे एकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं।

जिले में साइबर ठगी से जुड़े मामले लगभग सौ के पास पहुंच गए हैं। पिछले एक वर्ष में साइबर क्राइम शिकायतें जिले के विभिन्न थानों से साइबर सेल के पास पहुंच चुकी हैं। लेकिन उनका खुलासा नहीं हो पाया है। साइबर ठगी की बढ़ती घटनाआें के बीच जानकारों का कहना है कि अपनी जागरुकता ही हमें ऐसी घटनाआें से बचा सकती है। एेसे में जरूरत है कि हम किसी भी हाल में बैंक एकाउंट से जुड़ी कोई भी डिटेल्स फोन पर न दें।

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बिहार थानाक्षेत्र के कुंदनपुर गांव निवासी मनोज कुमार के मोबाइल फोन पर एक युवक ने स्टेट बैंक अधिकारी बनकर फोन किया। इस दौरान एटीएम बंद होने की बात कहकर उसने आधार और एटीएम कार्ड का कोड पूछ लिया। इस बीच जब तक मनोज कुछ समझ पाता तब तक उसके बैंक खाते से 35 हजार रुपये की रकम निकल गई। ठगों ने उसके बैंक एकाउंट से ऑनलाइन शॉपिंग कर ली थी।

इसी तरह शहर के मोहल्ला गांधी नगर में रहने वाले हरिशंकर के साथ हुआ। हरिशंकर ने बताया,'' एक सप्ताह पहले अपने मोबाइल पर एक युवक का फोन आया। एटीएम कार्ड बदलने के नाम पर उसने कार्ड की डिटेल ले ली। डिटेल देने के कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके खाते से तीन बार में चार हज़ार रुपए निकल गए।''

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खाते से पैसे निकलने की जानकारी होते ही उन्होंने बैंक को मामले से अवगत कराया,जिसके बाद एटीएम ब्लॉक कर दिया गया। साइबर ठगी से संबधित यह केस मात्र उदाहरण भर हैं। इसी तरह हर रोज कोई न कोई साइबर ठगी का शिकार बन रहा है। फोन कॉल कर साइबर ठग भोले भाले लोगों को अपना शिकार बनाकर उनके बैंक खाते से मेहनत की कमाई को उड़ा रहे हैं।

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर भारतीय स्टेट बैंक में काम करने वाले अतुल भारतीय बताते हैं,'' अगर आपके बैंक खाते से जुड़ी अहम जानकारी कोई हासिल कर लेता है और खाते से पैसा निकाल लेता है तो इसकी सूचना पुलिस को देने के साथ ही फौरन बैंक को दें। इससे आपके एटीएम को ब्लॉक किया जा सके।''

'' एक बार एटीएम पिन जानने के बाद ठग तब तक आपके खाते से पैसा निकालते रहेंगे,जब तक वह खाली नहीं हो जाता। एेसे में आपके पास मौका रहता है कि आप बैंक को सूचना देने के बाद एटीएम को ब्लाक करा सकें, जिससे आने वाले समय में ट्रांजेक्शन को रोका जा सके।'' अतुल भारतीय आगे बताते हैं।


समय से दे सूचना, तो बच सकता है पैसा
साइबर ठगी की घटनाआें पर रोक लगाने व ठगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए साइबर सेल की स्थापना की गई है। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि लखनऊ में साइबर सेल स्थापित है जो एेसे मामलों की जांच करता है। वह बताती हैं कि साइबर ठगी से जुड़े मामलों की अगर चार घंटे के अंदर सूचना दे दी जाए तो बैंक खाते से निकले रुपये को वापस कराया जा सकता है।

बैंक नहीं मांगती है कोई भी सूचना
साइबर ठगी के अधिकतर मामलों में एटीएम कार्ड बंद हो जाने या उसे बदले जाने की बात कहकर ही साइबर ठग आपसे एटीएम कार्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर लेते हैं। बैंक अधिकारियों की माने तो बैंक अपने ग्राहक से बैंक से जुड़ी कोई भी जानकारी कभी नहीं मांगता। बैंक को अगर कभी एेसी जरूरत भी पड़ती है तो वह ग्राहक को सीधे बैंक बुला लेती है। फोन पर कभी भी कोई जानकारी नहीं मांगी जाती है।

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