जौनपुर के ‘महावीर फोगाट’ का सपना पूरा कर रहा बेटा

जौनपुर के ‘महावीर फोगाट’ का सपना पूरा कर रहा बेटापिता के सपनों को पूरा करने में लगा है एथलीट रोहित। 

बीसी यादव, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

मछलीशहर (जौनपुर) । हरियाणा के महावीर सिंह फोगाट की कहानी तो आपको याद ही होगी। उनकी कहानी पर आधारित फिल्म दंगल बन चुकी है। महावीर सिंह फोगाट की ही तरह विश्व पटल पर स्वर्ण पदक न जीत पाने वाले जौनपुर के किसान सभाजीत यादव भी अपना सपना बेटों के जरिए पूरा करना चाहते हैं। उनका यह ख्वाब दूसरा बेटा रोहित यादव पूरा कर भी रहा है। रोहित भाला फेंकने में इतने उस्ताद हैं कि मीट रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। इतना ही नहीं अंडर 16 की तुर्की में हुई प्रतियोगिता में स्वर्ण पर भी उनका कब्जा है। उनकी इन्हीं उपब्लिधयों के लिए राष्ट्रपति ने गत 29 अगस्त को उसे सम्मानित किया है।

मुंगराबादशहपुर के अदारी ढबिया गांव निवासी किसान सभाजीत ने मैराथन और हॉफ मैराथन में कई पदक जीते हैं लेकिन उन्हें विश्व पटल पर कोई सफलता नहीं मिली है। इसका उन्हें कहीं न कहीं मलाल है। इसलिए उन्होंने फैसला किया कि अपने बेटों को ट्रेन करेंगे और अपना ख्वाब उनके जरिए पूरा करेंगे। इसलिए उन्होंने तीन बेटों में सबसे बड़े राहुल उसके बाद रोहित और रोहन को भाला फेक की ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया। तीनों बेटों में रोहित का भाला फेक में कोई जवाब नहीं है।

जनता इंटर कॉलेज चितांव में हाईस्कूल के छात्र रोहित का भाला स्वर्ण पर ही गिरता है। यही वजह है कि जनवरी 2016 में केरल में हुई एथिलिटिक्स प्रतियोगिता में भाग लिया। यह प्रतियोगिता स्कूल गेम्स फेडेरेशन आफ इंडिया ने कराई थी। इस प्रतियोगिता में रोहित ने स्वर्ण कब्जा
किया। उनके इस प्रदर्शन का ईनाम स्कूल गेम्स फेडेरेशन आफ इंडिया ने उन्हें अपनी टीम में चयन करके दिय। इसके बाद अंडर 16 की विश्व स्कूल गेम्स जो 11 से 18 जुलाई के बीच तुर्की में हुआ।

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वहां भी रोहित ने 72.57 मीटर दूर भाला फेंक कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसी तरह 14 नवंबर को कोयम्बटूर में उन्हें स्वर्ण पदक हासिल हुआ। वहीं हैदराबाद में तो उन्होंने 76.11 मीटर दूर भाला फेंककर न सिर्फ मीट रिकॉर्ड बनाया बल्कि स्वर्ण पदक भी जीता। इस प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन वलर्ड यूथ चैंपियनशिप बैंकाक के लिए हुआ। इस दौरान उन्होंने 74.03 मीटर दूर भाला फेका लेकिन वह स्वर्ण पदक से चूक गए लेकिन उन्होंने रजत पदक हासिल कर ही लिया।

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राष्ट्रपति से मिला सम्मान

रोहित की इन सफलताओं के लिए गत 29 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें सम्मानित किया। रोहित ने बताया,“ राष्ट्रपति ने उन्हें उनकी सफलता के लिए बधाई दी और आशीर्वाद देते हुए कहा कि देश के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतो।” रोहित ने बातचीत में बताया कि उनका टारगेट ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। ताकि पिता का सपना वह पूरा कर सकें। रोहित के दो और भाई भी भाला फेक खेल में हिस्सा लेते हैं। रोहित को राष्ट्रपति से सम्मान मिलने के बाद उनके गांव में खुशी का माहौल है। वहीं उनके सम्मान के लिए जनता इंटर कॉलेज चितांव में भी कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानि किया गया।

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