गंदा पानी उगल रहे हैंडपंप, अम्बेडकर नगर में शुद्ध पेयजल का संकट

Sujeet AgrihariSujeet Agrihari   2 Jun 2017 11:36 AM GMT

गंदा पानी उगल रहे हैंडपंप, अम्बेडकर नगर में शुद्ध पेयजल का संकटभीषण गर्मी शुरू होते ही पानी का संकट खड़ा होने लगा है।

शोहरतगढ़। भीषण गर्मी शुरू होते ही पानी का संकट खड़ा होने लगा है। नगर पंचायत शोहरतगढ़ का अम्बेडकरनगर वार्ड गर्मी का तापमान चढ़ते ही शुद्ध पेयजल के संकट के जूझने लगा है। हैंडपंप शुद्ध पानी की जगह गंदा पानी उगल रहे हैं। डेढ़ हजार की आबादी पर लगे आधा दर्जन हैंडपंप में दो की हालत ठीक है, जबकि चार हैंडपंप जवाब दे गये हैं। नगर पंचायत में शिकायत के बाद मामले पर संज्ञान लेने की बजाए जिम्मेदार प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिए हैं।

इसके चलते वार्ड के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।अवधेश आर्या (35) ने बताया कि हैंडपंप का पानी कुछ देर रखने के बाद पीला हो जा रहा है। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को इसकी जानकारी है, जब उनकी नजरें इनायत होगी तभी जहर उगल रहे हैंडपंप ठीक हो सकेंगे।

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नगर पंचायत के पूर्वी छोर पर बसे अम्बेडकर नगर वार्ड नम्बर एक पिछले एक साल से शुद्ध पेयजल के संकट से जूझ रहा है। डेढ़ हजार की आबादी वाले इस वार्ड में जलनिगम ने आधा दर्जन जगहों पर हैंडपंप लगाया है। इन हैंडपंपों से शुद्ध पानी की जगह जहर निकल रहा है। इनमें कुछ बालू उगल रहे हैं तो कुछ का पानी थोड़ी ही देर में पीला हो जा रहा है।

गर्मी का तापमान चढ़ने के बाद भी नगर पंचायत द्वारा जहर उगल रहे हैंडपंप के साथ खराब हो चुके हैंडपंपों पर ध्यान न देने की भरपाई जनता को करनी पड़ रही है। मजबूरन लोग गंदा पानी पी रहे हैं, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बनी है। पूर्व सभासद निवासी छांगुर प्रसाद कन्नौजिया (62) ने बताया, "नगर पंचायत में कई बार अधिशाषी अधिकारी व अन्य जिम्मेदारों को पेयजल की समस्या से अवगत कराया गया है लेकिन जिम्मेदार संज्ञान नहीं ले रहे हैं।

अम्बेडकर नगर में हैंडपंप से गंदा पानी निकलने की जानकारी हुई है। जेई को भेजकर दिखवाता हूं, उसके बाद उसके सुधार के लिए प्रयास किए जाएंगे। हल्की खराबी होगी तो उसे नगर पंचायत को ही बनवाना पड़ेगा।
अमित राज, सहायक अभियंता (जल निगम)

इसका जवाब चुनाव में लिया जाएगा। विष्णु कुमार (30) ने बताया कि गंदा पानी उगल रहे हैंडपंप का इस्तेमाल केवल नहाने व कपड़ा धुलने के लिए किया जा रहा है। वार्ड में पानी का संकट खड़ा होने से मजबूरन पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।

दो विभाग में फंसता है मामला

हैंडपंप के एकदम से खराब होने या नया लगाने की जिम्मेदारी जलनिगम की होती है, जबकि हल्की खराबी को बनवाने की जिम्मेदारी नगर पंचायत पर है। दोनों विभाग एक- दूसरे पर हैंडपंप खराबी का जहमत ठोक कर कन्नी काटते रहते हैं। जिसकी भरपाई जनता को करनी पड़ती है।

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