ये कैलेंडर बता रहा है शास्त्रीय संगीत घरानों के बारे में, रागगीरी संस्था ने किया ज़ारी

ये कैलेंडर बता रहा है शास्त्रीय संगीत घरानों के बारे में, रागगीरी संस्था ने किया ज़ारीकैलेंडर जारी करते खेल एवं युवा कल्याण मंत्री चेतन चौहान।

भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार को लेकर रागगीरी संस्था के युवा काफी समय से काम कर रह हैं। तीसरा साल होने पर संस्था ने शास्त्रीय संगीत का कैलेंडर जारी किया है। उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री चेतन चौहान ने इस कैलेंडर को जारी किया है। ये कैलेंडर शास्त्रीय गायकी के घरानों पर केंद्रित है। कैलेंडर में संगीत घराने के शुरुआती कलाकारों के साथ-साथ उन कलाकारों को भी शामिल किया गया है जिन्होंने उस घराने को पहचान दिलाई।

कार्यक्रम के दौरान चेतन चौहान ने कहा कि युवाओं में अपनी परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने के लिये इस तरह के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति के सामने नतमस्तक है। जिसकी बड़ी वजह हमारी कलाएं हैं। इस तरह के प्रयासों से बच्चों और युवाओं को कलाकारों और उनके घरानों के बारे में जानकारी मिलेगी।

ये भी पढ़ें- भारतीय शास्त्रीय संगीत की मदद कर रहा है सोशल मीडिया : उस्ताद अमजद अली खान

रागगीरी संस्था की ट्रस्टी पल्लवी सिंह ने कहा कि हम विशेष तौर पर अपनी अगली पीढ़ी में शास्त्रीय संगीत के प्रचार प्रसार के लिए "सुनेंगे तभी तो सीखेंगे" शीर्षक से एक सीरीज चला रहे हैं। इसके तहत हम पिछले तीन साल से कैलेंडर का प्रकाशन करते हैं। साल 2017 के कैलैंडर में हमने भारतीय नृत्य के दिग्गज कलाकारों पर सीरीज की थी और 2016 में शास्त्रीय गायकी और वादन के महान कलाकारों पर। उन्होंने बताया कि रागगीरी के इस कैलेंडर को देश के और भी कई शहरों में जारी किया जाएगा। जिससे युवा हमारी इस महान कला के प्रति जागरूक हों।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

संबंधित खबरें- पंडित रवि शंकर ने दिलायी शास्त्रीय संगीत को विश्व भर में अलग पहचान

आज के दौर में शास्त्रीय संगीत की मौलिकता बरकरार रखना मुश्किल : गिरिजा देवी

गंगूबाई ने दिया शास्त्रीय संगीत को नया मुकाम

Tags:    classical music 
Share it
Top