आजमगढ़ की हकीकत : इन गांवों में चूल्हे पर एक तरफ खाना तो दूसरी ओर बनती थी शराब 

Ashutosh OjhaAshutosh Ojha   9 July 2017 11:10 PM GMT

आजमगढ़ की हकीकत : इन गांवों में चूल्हे पर एक तरफ खाना तो दूसरी ओर बनती थी शराब शव के साथ खड़े परिजन। (सभी फोटो- शुभम कौल) 

केवटहिया (आजमगढ़)। आजमगढ़ में जहरीली शराब से एक ही गांव के 11 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि जिले में अबतक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। केवटहिया में मरने वालों में बुजुर्ग पिता और दो जवान बेटे शामिल हैं, जबकि बुजुर्ग का पोता अस्पताल में भर्ती है। इस गांव में कच्ची शराब का धंधा कुटीर उद्योग की चलता है। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले 5 वर्षों में यहां अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है।

आजमगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर की दूरी सगड़ी तहसील में रौनापार थानाक्षेत्र के केवटहिया, शुक्रवार की शाम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 दर्जन लोग अस्पताल में भर्ती हैं। शनिवार को भर्ती मोहन लाल (30 वर्ष) की भी मौत हो गई। केवट बाहूल्य इस गांव की आबादी करीब 2900 है। ग्रामीणों ने खुद माना कि यहां एक तरफ चूल्हे पर खाना बनता है तो बगल के चूल्हे पर शराब बनाई जाती है। शराब की लत और धंधे ने यहां लोगों की जिंदगी नर्क जैसी कर दी है। माया देवी (35 वर्ष) गुस्से के साथ बताती हैं “मेरी शादी 1997 में हुई और जब से मैं इस गांव में आयी हूँ तब से यहां का यही हाल है। यहां के मर्द सिर्फ शराब ही खाते और पीते हैं।”

रोते-विलखते परिजन।

मूलभूत सुविधाओं को तरसते केवटहिया के एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया कि यहां कई महिलाएं और बच्चों को भी शराब की लत लग गई है। इसी चलते रामबृक्ष (70 वर्ष) और उनके 2 बेटों रामकरन और रामचरितर की माैत हो गयी जबकि पोता अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। गांव के ज्यादातर घर कच्चे हैं, और रास्तों का ख़डजा भी उधड़ चुका है। 4 पंचवर्षीय योजना से प्रधान अवधेश निषाद मानते हैं, “शराब यहां पहले भी जान ले चुकी है। वो कहते हैं, गांव में कई लोग शराब बनाते और बेचते हैं, इसमें कम खर्च में ज्यादा आमदनी होती है। गांव के ज्यादातर लोग गरीब हैं, रोजगार का कोई साधन नहीं है। लोग भी अपनी आदतों से बाज नहीं आते।”

रौनापार थाना में लगभग 206 गांव आते हैं। घाघरा में हर साल आने वाली बाढ़ में करीब 50 गांव कट जाते हैं। इस बाढ़ और कटान का भी शराब माफिया और स्थानीय लोग फायदा उठाते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाढ़ के चलते पुलिस सर्च ऑपरेशऩ नहीं चला पाती।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद इस मामले में निलंबित किए गए रौनापार थानाक्षेत्र के पूर्व थानाध्यक्ष नदीम अहमद फरीदी ने बताया, पुलिस लगातार छापेमरी कर रही थी, पिछले छह महीने यहां से 21 851 लीटर शराब बरामद हुई। हमने सख्ती भी की और समझाकर इन्हें सही रास्ते पर लाने की कोशिश की लेकिन गांव के लोग सुधरते नहीं। कई छापेमारी के दौरान कई बार महिलाएं तक पुलिस टीम पर हमला कर चुकी हैं।”

वहीं शनिवार को ही चार्ज संभालने वाले थानाध्यक्ष रंजीत सिंह ने गांव कनेक्शन को बताया, “अभी ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।” दबी जुबान में कई ग्रामीणों ने ये भी बताया कि इस धंधे (कच्ची शराब) को कई स्थानीय नेताओं का संरक्षण मिला है। उनके मुताबिक शुक्रवार का हादसा शराब में मिलाए जाने वाले केमिकल की मात्रा में गड़बड़ी के चलते हुआ होगा। केवटहिया के साथ ही गड़थौली, बुडानपुर में भी कच्ची शराब बनाई जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में सिर्फ 10 फीसदी लोगों के पास ही राशन कार्ड है।

जहरीली शराब कांड में अब तक 8 गिरफ्तार

आजमगढ़ (भाषा)। रौनापार थाना इलाके में हुई इस घटना में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने समाचार एजेंसी को फोन पर बताया प्रभावित क्षेत्र और आसपास के इलाकों में हुई मौतों के सभी मामलों में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि मौत जहरीली शराब और ताड़ी पीने से हुई या किसी अन्य वजह से। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिये थे। इसके बाद तीन पुलिसकर्मियों और आबकारी के छह कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।

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