2020 तक 20 हज़ार घरों को रौशन करेंगे : सचिन तेंदुलकर 

Ashutosh OjhaAshutosh Ojha   4 Oct 2017 10:00 PM GMT

2020 तक 20 हज़ार घरों को रौशन करेंगे : सचिन तेंदुलकर बाराबंकी के बड़ागाँव पहुंचे सचिन 

बाराबंकी। जब माँ बच्चे को खाना खिलाती है या पकाती है तो अब बच्चे देख सकते है कि माँ क्या पका रही है। घर में अगर पिता कुछ कम काम कर रहा था तो अब वो ज्यादा काम कर पा रहे है। जिससे उनकी इनकम में बढ़ोत्तरी हो रही है। हमारी यही कोशिश होगी कि जो वादा मैंने आप सब से किया है उसे मै जरूर पूरा कर सकूं। कुछ ऐसी ही लाइनों को बोल कर सचिन तेंदुलकर ने आज बाराबंकी के बड़ागाँव में पहुँच कर लोगों का दिल जीत लिया।

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर आज उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के बड़ागांव पहुंचे। सचिन तेंदुलकर और स्नाइडर इलेक्ट्रिक ने उत्तर प्रदेश के इस गाँव के 350 घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाई है।

बड़ागाँव, बाराबंकी में परिवारों से मिलते सचिन तेंदुलकर

सचिन ने प्रेस वार्ता में कहा कि लखनऊ में आज मै बहुत सालों बाद आया हूँ। आज मेरी सारी पुरानी यादें ताजा हुयी। 1994 में मुझे याद है जब हम श्रीलंका के खिलाफ मैच खेले थे और जिस तरह का प्यार दिखा था। मुझे वो प्यार आज भी दिखा है। मै आप सब का शुक्रिया अदा करता हूँ। हम यहाँ एक कारण से आये है। हमारा स्प्रेडिंग हैप्पीनेस फाउंडेशन है, यहाँ के जिन जिन घरों में बिजली नहीं है उन्हें हम बिजली देने की कोशिश कर रहे है। आज 2017 है और यहाँ लाखों घरों में बिजली नहीं आती, ये सुन कर थोडा दुःख होता है। हमनें अभी तक 16000 से ज्यादा घरों में बिजली पहुंचाई है, मतलब लगभग 80 हजार लोगों को बिजली मिली है। मगर हम यहीं पर नहीं रुकेंगें। हम आपको ये वचन देते है कि हम 2020 तक बीस हजार घरों तक बिजली देंगें। आज बच्चे पढ़ पा रहे है।

सचिन ने कहा कि सिर्फ दो कंपनियों की ही जिम्मेदारी नहीं है कि वो ही गांव में जाकर लाइट की व्यवस्था करें। इसके लिए पूरे देश को मिल कर साथ देना होगा।

बड़ागाँव, बाराबंकी में परिवारों से मिलते सचिन तेंदुलकर

सचिन ने बाराबंकी के बड़ागाँव पहुंचकर उन दो परिवारों के घर जाकर सोलर लाइट लगने के बाद का अनुभव पूछा। परिवार से मिलने पर सचिन मुस्कुराए और बोले कि मुझे ख़ुशी है कि आप लोग अब अच्छे से रह रहे है। लोगों ने गांव में सचिन का जोरदार स्वागत किया।

स्नाइडर कंपनी के वाईस प्रेजिडेंट वेंकट ग्रिमेल्ला से भी गाँव कनेक्शन ने इस प्रोजेक्ट के बारे में बात की। उनका कहना था कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैँ कि हम जल्द से जल्द इस काम को पूरा करें ताकि हम और भी लोगों की मदद कर सकें।

स्नाइडर कंपनी के वाईस प्रेजिडेंट वेंकट ग्रिमेल्ला

वेंकट ने कहा कि हम बुनकरों के लिए ख़ास कर काम करना चाहते थे ताकि हम उनकी गरीबी को मिटाने में साथ दें सकें। यहां बिजली की समस्या ज्यादा थी इसलिए हमने इस गांव को चुना। ताकि इस गांव के बुनकर अपने काम को और समय दे सकें और उनकी गरीबी खत्म हो सके। आज सबसे ज्यादा अगर बड़ा गांव के लोग परेशान हैं तो वो है सिर्फ बिजली से। अगर इनके घरों में बिजली पहुंच गयी तो इनका आधी दिक्कतें ऐसे ही खत्म हो जाएंगी। आज मुझे ख़ुशी है कि हमारी लगायी सोलर लाइट से गाँव के बुनकर समाज को फायदा पहुँच रहा है। उनकी आमदनी में इजाफा हुआ है। पहले वो एक साड़ी चार दिन में बनाते थे आज वाही साड़ी वो डेढ़ दिन में बना रहे।

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