खनन माफिया पर कसा शिकंजा, सीसीटीवी की नजर में होगा यूपी में खनन

खनन माफिया पर कसा शिकंजा, सीसीटीवी की नजर में होगा यूपी में खननखनन कार्य।

लखनऊ। खनन क्षेत्र में हुए भ्रष्टाचार को खत्म करने का लक्ष्य लेकर यूपी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में बड़ा फैसला लिया गया। नई खनन नीति को यूपी कैबिनेट से पास कर दिया गया। इसके अलावा सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के पुराने सारे टेंडर निरस्त करने का फैसला कैबिनेट में ले लिया है। ये एक्सप्रेस वे पहले बलिया से लखनऊ तक था, मगर अब इसको झांसी से जोड़ने का फैसला किया गया है।

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लोकभवन में साप्ताहिक कैबिनेट मीटिंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में की गई। मीटिंग के बाद प्रेस वार्ता में सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिध्दार्थनाथ सिंह ने जानकारी मीडिया का दी। उन्होंने बताया कि, प्रदेश के लिए नई खनन नीति की घोषणा कर दी गई है। उन्होंने बताया कि, राज्य में अब खनिज संपदा का खनन सीसीटीवी की जद में होगा।

खनन कार्य करती महिला श्रमिक।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में खनन के पट्टे अब केवल छह महीने के लिए ही मिलेंगे। जबकि पट्टा आवंटन केवल ई टेंडरिंग के माध्यम से होगा। नई सरकार बनने के बाद खनन रुका हुआ है, इस वजह से प्रदेश में मौरंग की कीमत 55 रुपये से बढ़ कर अब 130 रुपये प्रति क्यूबिक फीट तक पहुंच चुकी है। जिससे लोगों के लिए घर बनाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में सरकार जिन पट्टों पर स्टे नहीं है, वहां ई टेंडरिंग के जरिये दोबारा खनन शुरू करवाने जा रही है। मगर इसमें अनेक तरह के प्रतिबंध लगा दिये गये हैं। लगने वाले समय को देखते हुए अन्तरिम व्यवस्था के रूप में प्रदेश में बालू, मोरम की अभूतपूर्व कमी को दूर किया जाएगा। नदी तल में उपलब्ध बालू और मोरम को ई-टेण्डरिंग प्रणाली के माध्यम से खनन पट्टा स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है।

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खनन कार्य का एक दृश्य।

उन्होंने बताया कि खनन पट्टा उन्ही क्षेत्रों पर स्वीकृत किया जायेगा जिनमें उच्च न्यायालय का कोई स्थगन आदेश न हो। खनन पट्टे की अवधि छह माह होगी जिसमें मानसून सत्र में खनन नहीं किया जा सकेगा। नदी तल में उपलब्ध उप खनिजों के रिक्त क्षेत्रों, खनिज की उपलब्धता परिवहन मार्ग की स्थिति एवं क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल सुरक्षित खनन को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र का निर्धारण किया जायेगा। मौर्य ने बताया कि यूपी इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन लिमिटेड को प्रदेश में भूतत्व एवं खनिज कर्म विभाग में ई-टेण्डरिंग लागू किये जाने के लिए नोडल संस्था नामित किया गया है। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में माफिया के प्रभाव को समाप्त करने के लिए खनन के क्षेत्र में दीर्घकालिक नीति बनायी जायेगी। जिसमें गरीबों को शोषण से बचाने के लिए हर सम्भव उपाय किये जायेगें।

सिध्दार्थनाथ सिंह ने बताया कि, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के टेंडरों में बड़े पैमाने पर घालमेल किया गया है। जिसका नये सिरे से टेंडर किया जाएगा। इसलिए पुराने सारे टेंडर निरस्त कर दिये गये हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से झांसी को भी जोड़ा जाएगा ताकि बुंदेलखंड के लोग भी उप्र के अन्य बड़े नगरों से सीधे जुड़ सकें।

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