एक साल से भटक रहे प्रधानमंत्री आवास के लिए चयनित लाभार्थी

एक साल से भटक रहे प्रधानमंत्री आवास के लिए चयनित लाभार्थीप्रधानमंत्री आवास।

नीतीश तोमर, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

पीलीभीत। पिछले वर्ष जनपद के मरौरी ब्लाक में गाँव न्यूरिया हुसैनपुर ग्राम पंचायत से नई बनी ग्राम पंचायत न्यूरिया हुसैनपुर उत्तरी मुस्तकिल, न्यूरिया हुसैनपुर दक्षिणी सहराई और नूरिया हुसैनपुर दक्षिणी मुस्तकिल बनी, जिसमें प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 389 व्यक्तियों को आवास आवंटित किए गए थे।

ग्राम पंचायत न्यूरिया हुसैनपुर उत्तरी मुस्तकिल में 131, ग्राम पंचायत न्यूरिया हुसैनपुर दक्षिणी सहराई में 155 और ग्राम पंचायत न्यूरिया हुसैनपुर दक्षिणी मुस्तकिल में 103 व्यक्तियों को आवास आवंटन हेतु चुना गया, लेकिन इन व्यक्तियों की कंप्यूटर में गलत फीडिंग होने के कारण एक साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी पात्र व्यक्तियों को आवास का लाभ नहीं मिल सका।

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ग्राम पंचायत उत्तरी मुस्तकिल की प्रधान बसंती मंडल से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया, "कंप्यूटर में गलत फीडिंग हो जाने के कारण हमारी ग्राम पंचायत के 131 चयनित लाभार्थी जनपद के अधिकतर उच्च अधिकारियों के दरबार खटखटा चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है।"

इस संबंध में उत्तरी मुस्तकिल के निवासी राकेश मंडल 55 वर्ष ने बताया, "एक साल पहले मेरा नाम लाभार्थियों की सूची में शामिल किया गया था, लेकिन मुझे साल भर बीत जाने के बाद भी आवास आवंटित नहीं किया गया। जबकि मैं जनपद के अधिकतर जनप्रतिनिधियों से इस बात की गुहार लगा चुका हूं।"

ग्राम पंचायत न्यूरिया हुसैनपुर की दक्षिणी सहराई की महिला प्रधान अनीता से बात की गई तो उन्होंने बताया, "उनकी ग्राम पंचायत न्यूरिया हुसैनपुर की दक्षिणी सहराई की जनसंख्या ग्राम पंचायत न्यूरिया हुसैनपुर दक्षिणी मुस्तकिल से अधिक है लेकिन परिसीमन में न्यूरिया हुसैनपुर दक्षिणी मुस्तकिल में जनसंख्या अधिक दर्शाई गई है। जिसके कारण जनसंख्या के आधार पर मिलने वाले लाभ उनकी ग्राम पंचायत को अधिक जनसंख्या होने के बाद भी नहीं मिल पा रहे हैं। ”

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यहां जो गौर करने की बात है वह यह है कि चयनित लाभार्थियों का प्रधानमंत्री आवास योजना में चयन हो जाने के कारण वह अपने निजी आवाज भी नहीं बनवा पा रहे हैं। उनके नाम दूसरी ग्राम पंचायत में दर्ज होने के कारण वह आवास निर्माण में होने वाली प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

इस बारे में जब मरौरी ब्लॉक के प्रभारी बीडीओ में मृणाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया, "मेरे संज्ञान में अभी तक ऐसा कोई प्रकरण नहीं आया है, क्योंकि मरौरी ब्लॉक का प्रभार मुझे अभी कुछ दिन पहले ही मिला है। यदि मेरे सामने इस समस्या को लेकर कोई व्यक्ति आएगा तो मैं कंप्यूटर में हुई फीडिंग को ठीक कराकर चयनित लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास दिलाने का प्रयास करुंगा।"

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