आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर फर्जी केस मामले में एसआईटी गठित

आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर फर्जी केस मामले में एसआईटी गठितअमिताभ ठाकुर।

लखनऊ। यूपी कैडर के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को कथित तौर पर गाजियाबाद की एक महिला की सहायता से फर्जी रेप केस सहित अन्य फर्जी मुकदमों में फंसाए जाने के मामले में एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार ने सीओ क्राइम के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है।

इस टीम में सीओ क्राइम के साथ इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच दीपन यादव को मुख्य विवेचक तथा इंस्पेक्टर गोमतीनगर एवं उपनिरीक्षक गोमतीनगर विमल वैगा को सह-विवेचक बनाया गया है। एसएसपी ने एसआईटी टीम को विवेचना में शेष कार्यवाही शीघ्र पूरी करते हुए विवेचना के निस्तारण का आदेश दिया है।

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ज्ञात हो कि जून 2015 में दर्ज कराए गए मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के अलावा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष जरीना उस्मानी, पूर्व सदस्य अशोक पाण्डेय और अन्य लोग भी अभियुक्त हैं। इस केस में जुलाई 2015 में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गयी थी, पर आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन के विरोध याचिका पर सीजेएम लखनऊ के आदेशों के बाद इसकी पुनार्विवेचना की गयी थी। पूर्व एसएसपी मंजिल सैनी ने मार्च 2017 में इसकी विवेचना क्राइम ब्रांच को दी थी, जिसके द्वारा अप्रैल 2017 में गायत्री प्रजापति को न्यायिक हिरासत में प्रस्तुत किया गया था।

पूर्व मंत्री के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल

आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर पर गाजियाबाद की एक महिला की सहायता से फर्जी रेप केस सहित अन्य फर्जी मुकदमों में फंसाए जाने के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति तथा अन्य के खिलाफ थाना गोमतीनगर में दर्ज मुकदमे में सोमवार को राजधानी पुलिस ने गायत्री प्रजापति के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया।

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सीजेएम संध्या श्रीवास्तव ने मामले में सुनवाई की अगली तिथि 27 जुलाई को तय की है। इस मामले के सह विवेचक थानाध्यक्ष गोमतीनगर विश्वजीत सिंह की ओर से दाखिल आरोपपत्र में कहा गया है कि, गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर प्रजापति के खिलाफ लगाये गए आरोप सही पाए गए। 20 जून 2015 को दर्ज कराये गए इस मामले में गायत्री प्रजापति के अलावा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष जरीना उस्मानी, पूर्व सदस्य अशोक पाण्डेय और अन्य लोग भी भियुक्त हैं।

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