लघु व सीमांत किसान हफ्ते में दो दिन बेच सकेंगे गेहूं

लघु व सीमांत किसान हफ्ते में दो दिन बेच सकेंगे गेहूंलघु व सीमान्त किसानों के लिए गेहूं बिक्री का दिन निर्धारित कर दिया गया है।

दीप कृष्ण शुक्ल, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

उन्नाव। गेहूं खरीद अपने लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करे और किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिले। इसके लिए सरकार हर बिंदु पर न सिर्फ मंथन कर रही है बल्कि व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।

इसी कड़ी में जनपद के लघु व सीमान्त किसानों के लिए गेहूं बिक्री का दिन निर्धारित कर दिया गया है। लघु व सीमांत के दायरे में आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए जिलाधिकारी अदिति सिंह ने सप्ताह में शुक्रवार व मंगलवार का दिन निर्धारित किया है। वहीं शेष दिनों में अन्य किसान क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। इस संबध में जिलाधिकारी ने क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

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जिले को इस बार 85 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। जिसके लिए सात एजेंसियों के कुल 46 केन्द्र खोले गए हैं। यह लक्ष्य बीते वर्ष के लक्ष्य को देखते हुए तीन हजार मीट्रिक टन अधिक है। बीते वर्ष सरकारी गेहूं खरीद निर्धारित लक्ष्य के चार फीसदी ही रही थी। सभी क्रय केन्द्रों में मात्र 4450 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका था। लक्ष्य के सापेक्ष कम गेहूं की खरीद हो पाने में छोटे किसानों का गेहूं खरीद न पाना भी प्रमुख कारण था।

किसानों का कहना था कि क्रय केंद्रों पर सिर्फ बड़े किसानों को ही प्राथमिकता दी जा रही थी। जबकि छोटे किसानों को बाद में आने की बात कहकर टरका दिया जाता था। ऐसे में इस बार प्रशासन ने इस समस्या से निपटने की तैयारी कर ली है। जिलाधिकारी ने छोटे किसानों को भी प्राथमिकता देने के लिए क्रय केंद्र प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक सप्ताह में मंगलवार व शुक्रवार को सिर्फ छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा।

इन दो दिनों में छोटे किसानों का गेहूं खरीदने के बाद शेष दिनों में अन्य किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। बताते चलें कि अव्यवस्थाओं के चलते ही बीते कई वर्षों में प्रशासन गेहूं खरीद के तय लक्ष्य को नहीं पा सका था। ऐसे में इस बार प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है।

कई वर्षों से लक्ष्य पूरा नहीं कर सका प्रशासन

वर्ष 2015 में 35 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 8261 मीट्रिक टन ही खरीद हुई थी। वर्ष 2014 में तो सरकारी गेहूं खरीद की बहुत ही दयनीय स्थित रही थी। 5170 मीट्रिक टन के लक्ष्य को लेकर शुरू हुई खरीद 30 जून तक 1308.42 मीट्रिक टन पर ही सिमट गयी थी। मात्र 2.53 फीसदी के चलते यह वर्ष सबसे कम खरीद के नाम रहा। वहीं वर्ष 2013 में भी सरकारी गेहूं खरीद का प्रदर्शन फीका ही रहा था। इस वर्ष जिले में 69 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य लेकर शुरू हुई। खरीद 2404.26 मीट्रिक टन पर ही सिमट गयी जो कुल लक्ष्य का 3.48 फीसदी ही रहा।

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