Top

पाले से आलू की फसल बचाने के लिए मथुरा के किसान कर रहे शराब का छिड़काव

Divendra SinghDivendra Singh   31 Dec 2018 12:21 PM GMT

पाले से आलू की फसल बचाने के लिए मथुरा के किसान कर रहे शराब का छिड़काव

मथुरा। अभी तक किसान आलू की फसल को पाले से बचाने के लिए धुआं करते हैं, सिंचाई और दवाइयों का छिड़काव करते हैं, लेकिन कुछ किसानों ने नई तरकीब निकाली है, वो शराब का छिड़काव कर रहे हैं, जबकि कृषि विशेषज्ञ इसे गलत बता रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के किसान शराब छिड़क कर आलू की फसल को पाले से बचा रहे हैं। इन किसानों का दावा है कि शराब के छिड़काव से न तो आलू की फसल को पाला मारता है और न ही कोई कीड़ा लगने की शिकायत होती है। मथुरा के यमुना पार वाले आलू की बेल्ट माने जाने वाले इलाके में आलू की फसल पर शराब का छिड़काव किया जा रहा है। जिले में इस बार 16 हजार एकड़ से भी अधिक इलाके में आलू की बुवाई की गई है। इसमें बलदेव, महावन, मांट और राया, सुरीर इलाके प्रमुख हैं।


ये भी पढ़ें : कई राज्यों में पाले से बर्बाद हुईं फसलें, अगले कुछ दिनों तक रहेगा पाले का असर

इन दिनों इस क्षेत्र में तापमान बेहद नीचे चला गया है और सुबह फसल पर पाला जमना शुरू हो गया है। सुबह आठ बजे तक फसल पर इसका जमाव देखा जा रहा है। पाले से फसल को बचाने के लिए कुछ किसान जिब्रेलिक एसिड के साथ शराब का प्रयोग कर रहे हैं।

राया इलाके के भैंसारा गाँव के किसान जितेश रावत बताते हैं, "जिब्रेलिक एसिड एल्कोहल में ही घुलता है। यह एक हार्मोनिक दवा है जिससे आलू में बढ़वार खासी तेज गति से होती है।"

भोलागढ़ के किसान सुरेश ने बताया कि शराब के छिड़काव से आलू की फसल पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है, बल्कि उपज अच्छी होती है।

ये भी पढ़ें : आलू सरसों समेत कई फसलों के लिए काल है ये कोहरा और शीत लहर, ऐसे करें बचाव

कृषि विज्ञान केंद्र, मथुरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसके मिश्रा बताते हैं, "आलू की फसल पर अभी तक शराब के प्रभाव अथवा दुष्प्रभाव संबंधी कोई भी अध्ययन सामने नहीं आया है। इसलिए कहा नहीं जा सकता कि किसान किस आधार पर इस तरीके को आजमा रहे हैं और फायदेमंद बता रहे हैं। इस मामले में कोई भी ठोस बात तो अनुसंधान के बाद ही कही जा सकती है।"

वो आगे कहते हैं, "राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद अथवा कृषि विभाग आलू या किसी भी अन्य फसल को पाले या किसी अन्य समस्या से बचाने के लिए शराब के छिड़काव की कोई भी सलाह नहीं देते। बल्कि, उनके अनुसार तो यदि आलू को पाले से बचाना है तो सल्फर के घोल का छिड़काव करना चाहिए और फसल में पानी लगाकर खेतों के चारों ओर धुआं करना चाहिए।"

इनपुट- भाषा

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.