एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश को क्लीन चिट

एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश को क्लीन चिटआईजी अमिताभ यश

लखनऊ। यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के आईजी अमिताभ यश पर लगे आरोपों की जांच करे रहे एडीजी एलओ आनंद कुमार ने उन पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद पाया है। एडीजी एलओ ने अपनी जांच रिपोर्ट गुरुवार देर शाम डीजीपी सुलखान सिंह को सौंप दी थी।

वहीं एडीजी एलओ आनंद कुमार का कहना है कि पंजाब जाकर जब पूरे मामले की जांच की गयी तो पकड़े गए आरोपियों ने ऐसे किसी भी मामले के होने से इंकार किया। साथ ही पंजाब जेल में यूपी से पकड़े गए आरोपियों की मोबाइल फोन की सीडीआर भी जांच की गई जिसमें इस तरह के कोई सबूत नहीं मिले कि आतंकी छोड़ने के एवज में कोई सौदा हो रहा है।

आईजी एसटीएफ अमिताभ यश का कहना है कि, पूरे मामले में मुझे जबरन खींचा गया था। इस पूरे मामले के दौरान खुद से ज्यादा मुझे उस यूपी पुलिस की छवि की चिंता थी जिसकी ईमानदारी और निष्ठा संभाले रखने के लिए घर परिवार को कहीं पीछे छोड़ दिया था। क्लीन चिट मिलने पर पूरी एसटीएफ विंग के अंदर भी खुशी का माहौल है, क्योंकि एसटीएफ में तैनात पुलिस कर्मियों का कहना है कि, जिस उद्देश्य के लिए एसटीएफ का गठन हुआ था, उस उद्देश्य पर कुछ लोगों ने बेवजहा बदनुमा दाग लगाने का प्रयास किया। लेकिन अंत में हमेशा सच की ही जीत होती है।

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हालांकि एडीजी एलओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का कही भी जिक्र नहीं किया कि, आखिर यह चिंगारी उठी कहा से और इसके पीछे कौंन लोग थे। ज्ञात हो कि यूपी के आईजी अमिताभ यश पर आरोप लगा था कि उन्होंने पंजाब की नाभा जेल ब्रेक के मास्टरमाइंड गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी घनश्याम पुरा को पकड़कर 1 करोड़ की घूस के बदले छोड़ दिया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख गृहसचिव को बुलाकर फौरन जांच कराने के आदेश दिए थे। जिसके बाद इस घूसकांड की जांच एडीजी एलओ आनदं कुमार को दे दी गयी थी।

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