यूपी के सभी पेट्रोल पंपों की होगी जांच, सात पंपों पर एफआईआर, 23 लोग गिरफ्तार

यूपी के सभी पेट्रोल पंपों की होगी जांच, सात पंपों पर एफआईआर, 23 लोग गिरफ्तारएसटीएफ ने गुरुवार रात लखनऊ के सात पेट्रोल पंपों पर छापेमारी करके सीज कर दिया (फोटो: विनय गुप्ता) 

लखनऊ। यूपी एसटीएफ को पिछले एक महीने यह शिकायत मिल रही थी कि पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को चूना लगाया जा रहा है। पेट्रोल पंप की रीडिंग मशीन में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं वहीं पेट्रोल पंप संचालक पेट्रोल-डीजल की चोरी कर रहे हैं। एसटीएफ ने शुक्रवार को इस मामले में जहां सात पेट्रोल पंपों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया तो वहीं 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इस सूचना को अपने स्रोत से जांच-पड़ताल करने के बाद यूपी एसटीएफ ने गुरुवार की रात शहर के सात पेट्रोल पंपों पर छापेमारी करके इस मामले का खुलासा किया। यूपी एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने बताया, ‘पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल डीजल के हाईटेक चोरी की डिवाइस लगाने वाले मास्टर माइंड राजेन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया गया है। राजेन्द्र ने कबूल किया है कि उत्तर प्रदेश के एक हजार से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर उसने चिप को इंस्टॉल किया है। इसकी निशानदेही पर जो पेट्रोल पंप बच गए हैं वहां छापेमारी की जाएगी।’

लखनऊ में चिनहट रोड स्थित पेट्रोल पंप को सीज कर दिया गया है। (फोटो- विनय गुुप्ता)

इन डिवाइसों से पेट्रोल पंप हर महीने कर रहे करोड़ों की चोरी, एसटीएफ ने पकड़ी

पेट्रोल पंपों पर इस भ्रष्टाचार को लेकर बड़ी तेल कंपनियों के अधिकारी भी हरकत में आए हैं। जिसमें भारत पेट्रोल पंप, इंडियन ऑयल और दूसरी कंपनियों के अधिकारियों की एक आपात बैठक भी लखनऊ में हुई जिसमें तय हुआ कि जो पेट्रोल पंप इस चोरी में लिप्त पाए गए उनका लाइसेंस रद्द किया जाएगा।

पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल डीजल के हाईटेक चोरी की डिवाइस लगाने वाले मास्टर माइंड राजेन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया गया है। राजेन्द्र ने कबूल किया है कि उत्तर प्रदेश के एक हजार से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर उसने चिप को इंस्टॉल किया है। इसकी निशानदेही पर जो पेट्रोल पंप बच गए हैं वहां छापेमारी की जाएगी।
अमित पाठक, एसएसपी, यूपी एसटीएफ

एसटीएफ की इस कार्रवाई पर उत्तर प्रदेश के डीजीपी सुलखान सिंह ने भी पुलिस टीम का प्रशंसा करते हुए भ्रष्टाचार के इतने बड़े मामले का खुलासा करने पर टीम को बधाई दी है। पेट्रोल पंपों पर एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के रूप में देखा जा रहा है।

पेट्रोल पंप संचालकों और माप-तौल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ग्राहकों को उनके पैसे की तुलना में कम तेल देने की लगातार शिकायत मिल रही थी। पेट्रोल पंप संचालकों की दबंगई और उनकी ऊपर तक पहुंच को देखते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं हो रही थी लेकिन यह पहली बार है जब एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई में पेट्रोल पंपों का भ्रष्टाचार सामने आया है। एसटीएफ के इस कार्रवाई से पूरे प्रदेश के पेट्रोल पंच संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। शुक्रवार को पेट्रोल पंप संचालकों अपने पेट्रोल पंप को बचाने के लिए तमाम प्रकार की तरकीब लगात रहे लेकिन मास्टर माइंड की गिरफ्तारी से उसके बचने की उम्मीद कम है।

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