सुप्रीम कोर्ट ने मांगा यूपी सरकार से जवाब, पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली क्यों नहीं कराए

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा यूपी सरकार से जवाब, पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली क्यों नहीं कराएन्यायालय ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख दो मई को तय की है।

नई दिल्ली (भाषा)। उत्तर प्रदेश में पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली कराने में कथित तौर पर अधिकारियों के विफल रहने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग से जुडी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर उसकी प्रतिक्रिया मांगी है।

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रदेश सरकार के संपदा निदेशक को तीन हफ्ते में यह जवाब देने को कहा है कि क्यों पूर्व मुख्यमंत्री को आवंटित बंगले खाली नहीं कराए गये। न्यायालय ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख दो मई को तय की है।

सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्हें यह जवाब देने के लिए समय चाहिए कि प्रतिवादी 7 (केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह) ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें आवंटित बंगले को खाली किया है या नहीं।

पीठ उत्तर प्रदेश के एक गैर सरकारी संगठन ‘लोक प्रहरी' द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गयी थी। याचिका में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित बंगले खाली कराए जाने के सर्वोच्च न्यायालय के एक अगस्त 2016 के फैसले के बावजूद, उन्होंने उसे खाली नहीं किया।

उत्तर प्रदेश के पांच पूर्व मुख्यमंत्री हैं राजनाथ सिंह, राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह, मुलायम सिंह यादव, मायावती और एन डी तिवारी। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री राम नरेश यादव का निधन हो चुका है। यहां पूर्व मुख्यमंत्री की मृत्यु के बाद उनका परिवार रहता है।

First Published: 2017-04-11 19:17:54.0

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