अपने वेतन से बांट दिए स्कूली बच्चों को स्वेटर-टोपी

Ajay MishraAjay Mishra   10 Jan 2018 2:24 PM GMT

अपने वेतन से बांट दिए स्कूली बच्चों को स्वेटर-टोपीबच्चों को स्वेटर और टोपा देते डीएम रविन्द्र कुमार। साथ में अन्य अधिकारी

अजय मिश्र/मोहम्मद परवेज

तिर्वा(कन्नौज)। जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक उन तमाम शिक्षक संगठनों के लिए नजीर हैं जो परिषदीय स्कूलों के बच्चों को 200 रूपए में स्वेटर न आने का रोना रो रहे हैं। अपनी तनख्वाह से स्वेटर ही नहीं टोपी (मफलर) भी खरीद कर कन्नौज में सर्दी के मौसम से बच्चों को बचाने की पहल शुरू की है।

ये भी पढ़ें- स्कूलों में नहीं बंट पाए स्वेटर, कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे बच्चे

जिला मुख्यालय कन्नौज से करीब 19 किमी दूर तिर्वा तहसील क्षेत्र के गाँव हरीपुर्वा प्राथमिक स्कूल में स्वेटर-टोपी वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम रविन्द्र कुमार ने किया।

स्कूली बच्चों के साथ खडे़ डीएम, सीडीओ, ब्लॉक प्रमुख और शिक्षक प्रदीप वर्मा

यहां के हेडमास्टर प्रदीप वर्मा ने बताया, ‘‘नियम तो यह है कि पहले खाते में पैसा आएगा बाद में स्कूली बच्चों के लिए स्वेटर खरीदा जाएगा। हमने अपने पास से स्वेटर खरीदकर बांटे हैं। पैसा तो आ ही जाएगा।’’

ये भी पढ़ें- एक रजाई, चार छात्राएं कैसे दूर होगी ठंड, ऐसा है कस्तूरबा विद्यालयों का हाल

एक सवाल के जवाब में हेडमास्टर बताते हैं, ‘‘200 रूपए में स्वेटर आ जाएगा। इसके लिए भागदौड़ करनी पड़ेगी। हमने तिर्वा के अलावा छिबरामऊ और गुरसहायगंज से 122 बच्चों के लिए स्वेटर मंगवाए हैं। अपने पास से ही टोपा भी खरीदे हैं।’’ वह आगे कहते हैं कि ‘‘मैंने 195 रूपए का कुटेशन लगाया है। आज 48 बच्चों को स्वेटर बांट दिए हैं। 122 ऊनी टोपियां अपने पास 35 रूपए के हिसाब से दी हैं। बचे हुए बच्चों को भी जल्द स्वेटर मिल जाएंगे। कुछ स्वेटर 200 रूपए, कुछ 215 और 195 में भी खरीदे हैं। करीब 24 हजार रूपए खर्च हुआ है।’’

कक्षा चार की छात्रा मनीषा बतातीं हैं, ‘‘हमारे पास स्वेटर नहीं था। हम बिना स्वेटर के स्कूल आते थे। डीएम साहब ने अपने हाथों से स्वेटर पहनाया और टोपी लगाई, हमको खुशी मिली।’’

ये भी पढ़ें- हम रजाई से निकलने से डरते हैं, किसान गलन में जूझते हैं

एक बच्चे के 45 वर्षीय अभिभावक जगदीश कुमार बताते हैं कि ‘‘जब से यह दोनों लोग (शिक्षक और उनकी पत्नी शिक्षिका) आए हैं एक विद्यालय की नहीं गाँव की तस्वीर बदली है। जहां पर आज कार्यक्रम हो रहा है यहां जानवर बंधते थे। आज गांव का नाम रोशन किया है।’’

बीएसए एपी सिंह ने कहा, ‘‘इस शिक्षक ने जिले में जो सबसे पहले बच्चों को वस्त्र बांटने का काम किया है प्रषंसा का पात्र है। सभी शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में बांटे और ऐसे शिक्षकों से सीख लें।’’

‘‘प्रयास रहता है कि शासन से कोई योजना चलाई जाए वह पहले शुरू करूं। अपने पास से पैसा लगाऊं बजट तो बाद में मिल ही जाएगा।’’
प्रदीप वर्मा, हेडमास्टर, प्राथमिक स्कूल हरीपुर्वा

डीएम रविन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘बहुत अच्छा स्कूल है। यह लोग गाँव को उन्नति की ओर ले जाएंगे। जब नींव कमजोर होती है बिल्डिंग कमजोर रहती है। सब बच्चे मेहनत से पढे़ं।’’ कार्यक्रम में सीडीओ अवधेश बहादुर सिंह, ब्लॉक प्रमुख उमर्दा अजय वर्मा और प्रभारी जिला सूचना अधिकारी एके पांडेय आदि रहे।

खंड शिक्षा अधिकारी, उमर्दा- कन्नौज जय सिंह कहते हैं,‘”पैसा ट्रांसफर कराया जा रहा है। आज या कल में सभी स्कूलों के खातों में पहुंच जाएगा। जो शिक्षक विरोध कर रहे हैं यह उनकी सोच की बात है। सीमित संसाधनों में भी सबकुछ हो सकता है हमारे शिक्षक ने करके दिखाया है।’

ये भी देखिए-

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top