खौफ में आतंकी, यूपी एटीएस की कार्रवाई से घबराए

खौफ में आतंकी, यूपी एटीएस की कार्रवाई से घबराएपकड़ा गया संदिग्ध आतंकी अबु जैद।

लखनऊ। देश भर में दो वर्षों से आतंकियों के खिलाफ हमारी सुरक्षा एजेंसियां कहर बन कर टूट पड़ी हैं। इसकी बानगी सुरक्षा एजेंसियों के उन कार्रवाई से दिखती है, जिसमें आतंकियों के की लगातार धर-पकड़ हो रही है। आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में देश भर की सुरक्षा एजेंसियों में यूपी एटीएस अव्वल स्थान पर है। यूपी एटीएस ने एक वर्ष में करीब 15 से अधिक संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा है, जिसमें सैफुल्लाह जैसे बड़े आतंकी का लखनऊ में एनकाउंटर भी शामिल है।

यूपी एटीएस की गौरवगाथा में एक ऐसा ही ताजा मामला शामिल है। जहां यूपी एटीएस और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुंबई एयरपोर्ट से संदिग्ध आतंकी अबु जैद को गिरफ्तार किया गया है। अबु जैद कल ही सऊदी अरब से भारत आया था। वह यूपी के आजमगढ़ का रहने वाला है। आईबी ने इस संदिग्ध आतंकी के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर रखा था।
कुछ इसी तरह के कारनामे यूपी एटीएस ने आईजी असीम अरुण की अगुवाई में किए हैं, जिसके चलते यूपी सहित पूरे देश भर में कई बड़ी आतंकी घटनाओं की साजिश को नाकाम किया है।

यूपी एटीएस की बाहुदरी उस वक्त भी देखने को मिली थी जब लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़े आतंकी छीपे होने की सूचना मिली, जहां यूपी एटीएस ने सैफुल्लाह नाम के आईएसआईएस के आतंकी को कई घंटों की मुठभेड़ के बाद मार गिराया, जबकि इस पूरे ऑपरेशन में राज्य सरकार की मदद के लिए केंद्र सरकार एनएसजी कमांडो को मौके पर भ्रेजने की योजना बना रही थी, इसके बावजूद भी यूपी एटीएस ने आतंकी को मार गिराया।

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इस आतंकी के खात्मे के बाद यूपी एटीएस को कई दूसरे आतंकियों की यूपी में छिपे होने का इनपुट मिला, जिसके बाद एक के बाद एक आतंकी यूपी एटीएस के हत्थे चढ़ता गया। वहीं अगर पीएम नरेंद मोदी की बात करे तो पिछले वर्ष 2016 में दशहरे के मौके पर यूपी के लखनऊ में रमलीला मैदान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां कार्यक्रम में आतंकियों की साजिश का खुलासा करते हुए यूपी एटीएस की टीम ने एक ऐसे आतंकी को कार्यक्रम से पहले धर-दबोचा था।

पकड़े गए आतंकी से पीएम के कार्यक्रम में बड़ धमाके की साजिश रची थी, जिसे एटीएस ने नाकाम कर अपनी काबलियत का लोहा मनवाया था। वहीं इस संबंध में यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि, हमारी टीम लगातार आतंकियों की गतिविधियों पर नजर बनाये रखती है और आगे भी आतंकियों की धर-पकड़ कर प्रदेश में किसी भी बड़े खतरे से सुरक्षित रखने का प्रयास रहेगा।

यह है 2017 का यूपी एटीएस की गौरवगाथा

  1. जनवरी 2017 को कुशीनगर बिहार सीमा से पांच असलहा तस्कर गिरफ्तार।
  2. जनवरी 2017 को आगरा से फातिमा नाम की बांग्लादेशी नगारिक गिरफ्तार।
  3. मार्च 2017 लखनऊ के हाजी कालोनी आईएसआईएस का आतंकी सैफुल्लाह मार गिराया गया।
  4. मार्च 2017 को कानपुर से आतंकियों को हथियार सप्लाई करने वाला राघवेंद्र गिरफ्तार।
  5. अप्रैल को सहायक पासपोर्ट अधिकारी गिरफ्तार।
  6. अप्रैल 2017 को चार आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार।
  7. मई 2017 को आईएसआईएस के आफताब और अल्ताफ को मुम्बई से गिरफ्तार किया।
  8. मई 2017 को मुम्बई से आईएसआई एजेंट जावेद गिरफ्तार।
  9. जुलाई 2017 को मुम्बई ब्लास्ट का आरोपी कदीर बिजनौर से गिरफ्तार।
  10. जुलाई 2017 को मुम्बई से लश्कर का आतंकी सलीम खान गिरफ्तार।
  11. अगस्त 2017 को बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्लाह मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार।
  12. अगस्त 2017 को बब्बर खालसा का आतंकी बलवंत सिंह गिरफ्तार।
  13. अगस्त 2017 को बब्बर खालसा का आतंकी जसवंत सिंह गिरफ्तार।
  14. अगस्त 2017 को पंजाब से वांक्षित दो आतंकी गिरफ्तार।
  15. यूपी के आजमगढ़ से आईएसआईएस का आतंकी मुम्बई एयरपोर्ट से गिरफ्तार
  16. यूपी एटीएस और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दबोचा
  17. आईएसआईएस में भारत भर्ती के लिए युवाओं के अंदर जिंहाद पैदा करने का थी जिम्मेदारी

मुंबई एयरपोर्ट से संदिग्ध आतंकी अबु जैद को गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुंबई एयरपोर्ट से संदिग्ध आतंकी अबु जैद को गिरफ्तार किया गया है। अबु जैद कल ही सऊदी अरब से भारत आया था। एडीजी एटीएस आनंद कुमार ने कहा कि पकड़ा गया आतंकी यूपी के आजमगढ़ का रहने वाला है। आईबी ने इस संदिग्ध आतंकी के खिलाफ लुक आउट नोटिस पहले से जारी कर रखा था।

सदिग्ध आतंकी अबु जैद सऊदी अरब से भारत में रह रहे कुछ लोगों को गाइड कर रहा था। वह एक मोबाइल एप के जरिए उन लोगों से बातचीत करता था। ये लोग किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। इससे पहले मुंबई एयरपोर्ट पर यूपी पुलिस के डीएसपी अनूप सिंह ने गिरफ्तार कर लिया।

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इससे पहले यूपी एटीएस ने मुंबई एयरपोर्ट से लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध आतंकी सलीम खान को गिरफ्तार किया था। यूपी पुलिस को साल 2008 से इस संदिग्ध आतंकी की तलाश थी। आरोपी यूपी के फतेहपुर का रहने वाला है। वह आईएसआई के एजेंटों को फाइनेंस किया करता था। इससे पुलिस को कई अहम सुराग मिले। खुफिया सूचना के आधार पर यूपी एटीएस ने मुंबई एयरपोर्ट से लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध आतंकी सलीम खान को गिरफ्तार किया था।.

सलीम फैजाबाद से पकड़े गए आईएसआई एजेंट का फाइनेंसर था। सेना की जासूसी के लिए आफताब को सलीम ने ही फाइनेंस किया था। सलीम पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद कैंप में ट्रेनिंग ले चुका है। पूछताछ में पता चला था कि सलीम खान आईएसआई एजेंट आफताब को विदेश से निर्देश देता था और उसके काम के लिए पैसे भेजता था। पहले गिरफ्तार हो चुके आतंकी कौसर और शरीफ ने बताया था कि सलीम उनके साथ 2007 में मुजफ्फराबाद आतंकी कैंप में ट्रेनिंग कर रहा था।

वह यूपी के फतेहपुर के बंदीपुर थाने के हाथगांव का रहने वाला है। उस वक्त सलीम खान ने बताया था कि वह जिस कॉफी शॉप पर काम करता था। उसके सामने ही सब्जी वाले कि दुकान थी। उसके यहां कौसर आता-जाता रहता था। वहीं उससे पहली मुलाकात हुई और नमाज अदा करने के बाद उसके घर जाने लगा. कौसर के घर शरीफ से मुलाकात हुई। उसने ही उसे कुछ वीडियो दिखाए।वीडियो में भारत विरोधी चीजें मौजूद थीं। इसके बाद उसके मन में लश्कर की ट्रेनिंग लेने की इच्छा हुई।

कौसर और शरीफ ने उसके पाकिस्तान जाने का इंतजाम कराया। आईएसआई के एक एजेंट के जरिए करांची एयरपोर्ट से बाहर निकलवाया. कराची में 2 दिन तक रहने के बाद उसे बहावलपुर ले जाया गया। वहां 10 दिन तक रहा, यहां से मुजफ्फराबाद कैंप में गया, जहां उसकी लखवी से मुलाकात हुई थी।

तारेक फतेह को थी मारने की योजना

आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि पकड़े गए संदिग्ध आतंकी ने पूछताछ के दौरान बताया कि पाकिस्तान में जन्मे कनाडा के लेखक और उदारवादी कार्यकर्ता तारेक फतेह सहित उनके निशाने पर छह इलाके थे, जहां किसी बड़ी आतंकी घटना को आंजाम देने की योजना था। आईजी ने आगे बताया कि उमर उर्फ नाजीम मुम्बई में काम करने के दौरान एक टीवी चैनल पर तारेक फतेह का शो देखा करता था, जहां वह शरीयत का विरोध किया और इस्लाम के "उदार और प्रगतिशील रूप" का समर्थन किया करते थे। हालांकि, आतंकियों ने धीरे-धीरे यह महसूस किया कि लेखक को मारना इतना आसान नहीं होगा। वहीं आतंकी ने यूपी के अमरोहा के नौगावा सादत में शिया धर्मस्थली पर हमले की योजना बनाई थी। साथ ही उत्तराखंड के हरिद्वार में भीड़ भरे स्थान पर एक विस्फोट करने की योजना बनाई थी और मुंबई में एक पुलिस अधिकारी को खत्म करने की भी योजना बनाई थी।

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