जितना देंगे रोजगार उतना ज्यादा मिलेगा उद्योगपतियों को लाभ-डिप्टी सीएम

जितना देंगे रोजगार उतना ज्यादा मिलेगा उद्योगपतियों को लाभ-डिप्टी सीएमउप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ड्राफ्ट पॉलिसी को आगामी तीन मई तक मंत्रीसमूह के सामने पेश की जाए (फोटो: गाँव कनेक्शन)

लखनऊ। 200 अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को ईपीएफ 50 फीसदी अनुदान मिलेगा। प्रदेश में नई उद्योग नीति का ड्राफ्ट लगभग तैयार हो चुका है। इसमें उद्योगपतियों को बहुत सारे लाभ दिए जाने की तैयारी है। जो उद्यमी जितने अधिक लोगों को रोजगार देगा उनको उतना अधिक लाभ सरकार देगी।

सिंगल विंडो पोर्टल के जरिए सभी काम शुरू किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ड्राफ्ट पॉलिसी को आगामी तीन मई तक मंत्रीसमूह के सामने पेश की जाए।

प्रदेश में औद्योगिक विकास व पूंजी निवेश के लिए उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए नई उद्योग नीति बनाई जा रही। औद्योगिक नीति में अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ‘सिंगल विंडो पोर्टल’ विकसित करने व पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन पत्रों को प्राप्त करने और ऑनलाइन संबंधित विभागों को पहुंचाने की व्यवस्था होगी। इस संबंध में एक बैठक की जा चुकी है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नई नीति में इस बात की व्यवस्था की जाए कि सभी आवेदन पत्रों पर अधिकतम 30 दिन के अन्दर निर्णय लिए जाएं।

इसके साथ ही आवेदन पत्रों के समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो समयबद्ध निस्तारण के लिए जिम्मेदार भी हो। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों के विवादों के निपटारा के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक ऑर्बिट्रेशन बोर्ड के गठन की आवश्यकता पर बल दिया गया। औद्योगिक इकाइयों को विवादों के निपटारा के लिए उच्च न्यायालय जाने से पूर्व मध्यस्थता का एक सुअवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि न्याय विभाग से परामर्श कर इसे नई नीति में समाहित किया जाए।

गलत जानकारी देने पर रद्द होगा लाइसेंस


औद्योगिक इकाई अपने संस्थान में 200 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगा, उसे ईपीएफ में 50 प्रतिशत का अनुदान राज्य सरकार देगी। नई नीति में यह व्यवस्था भी होगी कि जो इकाई गलत प्रमाण पत्र लगाएगी, भविष्य में संज्ञान में आने पर उसका लाइसेंस निरस्त किया जा सकेगा। क्लीयरेन्स प्रदान करने वाली विभागीय वेबसाइटों को स्टेट सिंगिल विन्डो पोर्टल में इन्टीग्रेट किया जाएगा। निजी क्षेत्र के औद्योगिक पार्कों में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को कैम्पस में ही आवासीय व्यवस्था का प्रावधान किए जाने व अंग्रेजी दवाओं की आवश्यकता और खपत को पूरा करने के लिए ‘फार्मा पार्क’ की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा नई नीति में प्रदूषणकारी इकाइयों में अनिवार्य रूप से ट्रीटमेन्ट प्लांट की स्थापना में आने वाले व्यय को प्रोजेक्ट कॉस्ट में शामिल किए जाने पर सहमति बनी।

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