ऑफिस से नदारद कर्मचारियों को मंत्रियों ने दी चेतावनी, कहा-पिछली सरकार के खुमार से बाहर आना होगा

ऑफिस से नदारद कर्मचारियों को मंत्रियों ने दी चेतावनी, कहा-पिछली सरकार के खुमार से बाहर आना होगाकृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि भवन का औचक निरीक्षण किया।

लखनऊ (भाषा)। समय से दफ्तर पहुंचने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े आदेशों के बीच अपने-अपने विभागों में नौकरशाही का रवैया टटोलने के लिए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने अपने-अपने विभाग के दफ्तरों का औचक निरीक्षण किया और कर्मचारियों की गैरहाजिरी पर सख्त नाराजगी जाहिर की। शाही ने पूर्वाह्न साढ़े नौ बजे कृषि भवन का औचक निरीक्षण किया, तो वहां का नजारा देखकर वह बेहद नाराज हुए। उन्हें अधिकारियों की ज्यादातर कुर्सियां खाली मिलीं और गिने-चुने कर्मचारी ही दफ्तरों में नजर आये।

कृषि मंत्री इतने नाराज हुए कि उन्होंने खाली कार्यालय कक्षों में ताले लगवा दिये। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से दफ्तर आने की सख्त ताकीद की है। शाही ने कहा, ‘‘अधिकारियों और कर्मचारियों का समय से दफ्तर ना आना बहुत लापरवाही का मामला है। यह स्थिति चिंताजनक और बेहद असंतोषजनक है। आज अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन कटेगा।

अधिकारियों का वेतन काटे जाने के साथ-साथ उन्हें चेतावनी भी दी जाएगी। स्थिति ठीक नहीं होती है तो उपर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘बार-बार अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। मैं कृषि विभाग में कोई काम लम्बित नहीं देखना चाहता। अधिकारियों की आदत खराब हो चुकी है. जब मन करेगा, छुट्टी ले लेंगे। जब चाहेंगे काम टाल देंगे।'' उधर, वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा करीब सवा 11 बजे अचानक शिया वक्फ बोर्ड के दफ्तर पहुंच गए। वहां अधिकारियों और कर्मचारियों को नदारद देखकर वह आगबबूला हो गये। उन्होंने कहा कि दफ्तर में आने के समय को लेकर जो भी आदेश हैं, उनका पालन किया जाए, वरना सबको निलम्बित कर दिया जाएगा।

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रजा ने कहा, ‘‘सवा 11 बजे मैं जब यहां आया तो केवल एक ही कर्मचारी मौजूद था। दफ्तर के सारे एसी, पंखे और लाइट चल रहे हैं। इन लोगों को जनता के पैसे का जरा भी दर्द नहीं है।'' उन्होंने कहा कि उनके निरीक्षण के वक्त कार्यालय से नदारद रहे अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। उन्हें स्पष्टीकरण देना होगा कि क्यों ना बोर्ड को भंग कर नया बोर्ड बनाया जाए।

वक्फ राज्यमंत्री ने कहा, ‘‘यहां काम करने वाले लोगों पर इतने आरोप हैं। वक्फ काउंसिल ऑफ इण्डिया की रिपोर्ट के बाद भी इन्हें समझ नहीं आ रहा है। इन्हें पिछली सरकार के खुमार से बाहर आना पड़ेगा।'' मालूम हो कि वक्फ काउंसिल ऑफ इण्डिया की हाल में आयी रिपोर्ट में शिया वक्फ बोर्ड में गबन का मामला प्रकाश में आया है। इसके छींटे पूर्व वक्फ मंत्री आजम खां और शिया वक्फ बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष वसीम रिजवी समेत कई अधिकारियों पर पड़े हैं।

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