केसराई झील सूखी, गर्मी में प्यास से व्याकुल होकर मर रहे सारस

केसराई झील सूखी, गर्मी में प्यास से व्याकुल होकर मर रहे सारसकेसराई झील के किनारे मृत सारस को देखते ग्रामीण।

छेदा (बाराबंकी)। भीषण गर्मी के चलते बेलहरा क्षेत्र में ज्यादातर तालाब सूख गए हैं। ऐसे में जंगली जानवरों व पक्षियों को पानी पीने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के कारण हालात इस तरह खराब हो चुके हैं कि आए दिन पक्षी प्यास से तड़प-तड़प कर मौत के घाट उतरने लगे हैं। हाल ही में ऐसा ही वाकया विकास खण्ड सूरतगंज के केसराई छेदा झील के पास देखने को मिला। केसराई झील में पानी न होने से बीते शुक्रवार की रात प्यास से व्याकुल होकर झील के ही निकट एक सारस ने दम तोड़ दिया।

पानी की तलास में सारस पक्षी।

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यहां दिन भर प्यास से व्याकुल पक्षी को देखा जा रहा है। जिला मुख्यालय से 38 किमी दूर स्थित उत्तर सूरतगंज ब्लाक के इस छेदा ग्राम पंचायत मे बीते मंगलवार को भी झील के पास रहने वाले सारस के समूह में से एक सारस ने दम तोड़ दिया था। ग्राम छेदा निवासी विपिन बताते है की यह झील लगभग 40 एकड़ क्षेत्रफल में फैली है, जो अब पूरी तरह से सूख चुकी है। जबकि झील के आस पास तीन दर्जन से भी ज्यादा सारस व अन्य पंछी रहते है।

विभाग नहीं दे रहा ध्यान

ग्रामीणों की माने तो झील में पानी होने की स्थिति में सारस व अन्य पक्षी यही आकर अपना प्यास बुझा लेते थे। अब यह झील सूख जाने से वे भटकते हुए यहां आते तो हैं, लेकिन पानी नहीं मिल पाता। ग्राम छेदा निवासी शशिकान्त बताते है कि पिछले वर्ष भी इसी मौसम में कई सारस प्यास से व्याकुल होकर मर गए थे। हालांकि बाद में गॉंव कनेक्शन की पहल से वन विभाग व जनसहयोग से इस झील में पानी भराया गया था, जिसके बाद पक्षियों का मरना रुका था। इस बार भी सारस दम तोड़ने लगे हैं , लेकिन विभागीय अधिकारियों या क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने इसकी सुध नहीं ली। ये हाल तब है जब हाल ही में जिलाधिकारी द्वारा तालाबों व झीलों में पानी भरवाने का आदेश दिया गया है।

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