कैसे पूरा होगा योगी का वादा ? प्रदेश की सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त करने के लिए बचे हैं सिर्फ 29 दिन

कैसे पूरा होगा योगी का वादा ? प्रदेश की सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त करने के लिए बचे हैं सिर्फ 29 दिनउत्तर प्रदेश में 1.20 लाख किलोमीटर सड़कें बदहाल

लखनऊ। प्रदेश में 1.20 लाख किलोमीटर सड़कें बदहाल हैं। प्रदेश की सड़कों के मरम्मत के मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विभिन्न विभागों के पास केवल 16 मई तक 29 दिन का समय बचा हुआ है, जिसमें उनको ये सड़कें दुरस्त करनी होंगी। ऐसे में विभागों के सामने यह ऐसी चुनौती है, जिसका पूरा होने की संभावना न के बराबर नजर आ रही हैं।

राजधानी से लेकर सुदूर गाँवों तक सड़कों का एक जैसा ही हाल है। प्रदेश में 1.20 लाख किमी बदहाल सड़कों में 85 हजार किमी पीडब्ल्यूडी और बाकी अन्य एजेंसियों से जुड़ी हुई है। फिलहाल विभागों के पास दुरस्त हुई सड़कों का कोई आंकड़ा नहीं है।

मुख्यमंत्री से लेकर विभागीय मंत्री तक के लिए यह सबसे बड़ा मुद्दा है, मगर जिम्मेदार एजेंसियों का काम कहीं भी नहीं नजर आ रहा है। सड़कों के मामले मे रायबरेली के गाँवों की हालत बहुत दयनीय है। केवल बछरावां ब्लॉक मे ही 15 सड़कें ऐसी हैं, जो चलने लायक नही हैं। बिशुनपुर मार्ग से आस-पास के लगभग 15 गाँव जुडे हैं, पर सड़क खत्म हो चुकी हैं।

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नीवां गाँव के राम पाल सिंह बताते हैं, “सड़क सुधारने का काम अब तक नहीं शुरू किया गया है। ऐसे में किस तरह से 15 जून तक सड़क सुधरेंगी, ये एक बड़ा सवाल है।“

वहीं, रायबरेली में ही लालगंज रोड पर फायरबिग्रेड़ के पास वाली सड़क का हाल बताते हुए सुधीर पटेल (27 वर्ष) कहते हैं, “इस सड़क पर बाइक या साइकिल से उतर के ही चला जा सकता है। मरीज बुजुर्ग और बच्चे तो बहुत ही दिक्कत में आ जाते हैं।“ इसी तरह कसरावां मुख्य मार्ग के बारे मे शिक्षक राम आसरे ने कहा, “सड़क है कहाँ? केवल रास्ता है, जिसे सड़क का नाम दे दिया गया है। भवानी गढ से बैन्ती मार्ग हो या थूलेंडी से लखनऊ रोड को जाने वाला मार्ग, जहाँ बीच-बीच में सड़क के अवशेष बताते हैं कि ये तो सड़क है।“

एक बार मैं इस मार्ग पर साइकिल से गिर के घायल हो चुकी हूं। तब मुझे काफी चोटें आईं थीं।“ इसके अलावा सुल्तानपुर जिले के रोड का बहुत ही बुरा हाल है।
उर्वशी पटेल (18 वर्ष), बिशुनपुर की छात्रा

रामजतन वर्मा बताते हैं, “सीएम योगी ने कहा है कि 15 जून तक सभी सड़कें गड्ढामुक्त हो जाएंगी, मगर ऐसा लगता नहीं है। पांच साल इस विधानसभा में कोई भी कार्य नहीं हुआ, सिर्फ पैसे की बंदरबांट हुई है। रोड कार्य होगा, परंतु इतनी जल्दी नहीं हो पायेगा”

gaonconnection- ग्रामीण इलाकों की सड़कों का है बुरा हाल।

सड़कों का हाल जस का तस, विभागों के सामने लक्ष्य बड़ा, काम सिफर

प्रदेश में पीडब्लूडी की ढाई लाख किलोमीटर सड़कें हैं, जिनमें 86 हजार किलोमीटर सड़कें गढ्ढा युक्त हैं। ऐसी सभी सड़कों को 15 जून तक गड्ढा मुक्त करने का काम किया जाना है। इसके साथ ही 35 हजार किलोमीटर अन्य विभागों की भी सड़कें गढ्ढा मुक्त करने के काम में जुटने का दावा एजेंसियां कर रही हैं। मगर जिले से जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उनमें वास्तविकता में कोई काम नहीं हो रहा है। सड़कों का हाल जस का तस बना हुआ है।

पश्चिम यूपी में भी बुरा हाल

प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों के बाद मेरठ में अधिकारी सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करा देने की बात कह रहे हैं, लेकिन अभी मेरठ की सड़कों की हालात अभी भी ज्यों के त्यों बने हुए हैं और सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं और आए दिन यहां सड़क हादसे हो रहे हैं। मेरठ के अब्दुल हमीद कहते हैं, “पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सड़कें सबसे ज्यादा बदहाल हालात में हैं। यहां आए दिन हादसे सामने आते रहते हैं।“

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