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ये कूड़ाघर नहीं सब्जी मंडी है

Harinarayan ShuklaHarinarayan Shukla   24 Jun 2017 1:21 PM GMT

ये कूड़ाघर नहीं सब्जी मंडी हैसब्जी मंडी में लगा गंदगी का अंबार

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

गोण्डा। कितना भी स्वच्छ भारत अभियान चला दिया जाए, लेकिन यहां पर महीनों से सफाई नहीं हुई है, जिससे सब्जी व्यापारियों को परेशानी हो रही है।

शहर मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर गोण्डा उतरौला मार्ग स्थित नवीन सब्जी व फल मंडी स्थित है, जहां पर मनकापुर, कौड़िया, आर्य नगर, धानेपुर, सुभागपुर, इटियाथोक, बाबागंज, वजीरगंज, तरबगंज, बेलसर, रगड़गंज की सब्जी दुकानें यहां से चल रहीं हैं। वहीं वजीरगंज के इलाकों के पांच हजार व शहर के एक हजार किसान अपनी सब्जी यहां बेचने लाते हैं। यहां पर चबूतरा व सड़क है जहां पर दुकानें लगती है। दुकानों के बीच में सड़क है और बीच में नालियां हैं। इन नालियों की सफाई की व्यवस्था मंडी परिषद के जिम्मे हैं लेकिन महीनों सफाई नहीं होती है।

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जिले के दस हजार किसान व पांच हजार व्यापारियों के रोजी रोटी का इंतजाम सब्जी एंव फल मंडी कर रही है लेकिन यहां पर एक हजार मीटर नाली पूरी तरह पट गई, बरसात का एक बूंद पानी परिसर से बाहर नहीं निकल पा रहा है। इससे हल्की बरसात का पानी सड़क की पटरियों पर भर जाता है जिससे बड़ी बड़ी घासें उग गई।


व्यापारी अली हुसैन (65 वर्ष) कहते हैं, "नालियां जाम हैं, पानी का निकास बंद हैं, जिससे बरसात में चलना दूभर हो गया है। मंडी में इतनी गंदगी है कि सड़क पर आलू सड़ रहा है, जिसके दुर्गंध में बैठना मुश्किल है।"

व्यापारी मोहम्मद इदरीस (40 वर्ष) ने बताया, "पिछले साल पल्लेदार राजा को सांप ने काट लिया जिसके इलाज पर 60 हजार खर्च हुआ।"

मंडी में एक बड़ा जेनरेटर भी लगा है, जिसका काम है कि बिजली गुल होने पर चलाया जाए लेकिन एक साल से खराब पड़ा है। मंडी परिषद के सचिव डीपी सिंह ने बताया, "डेढ़ साल से सफाई का ठेका दो साल पहले हुआ जिसे बहुत लो दर पर दिया गया, इससे ठेकेदार बहुत ढंग से काम नहीं कर रहा है। उसे नोटिस देकर सचेत किया गया है। सफाई व्यवस्था सही कराने के लिए नये टेंडर का इंतजार किया जा रहा है। जेनरेटर में खराबी है जिसे सही कराने की प्रक्रिया चल रही है।"

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