Top

वाराणसी के संप्रेक्षण गृह से दो किशोर क़ैदी फरार, चार कर्मचारियों को पीटकर किया जख्मी 

Vinod SharmaVinod Sharma   1 July 2017 4:33 PM GMT

वाराणसी के संप्रेक्षण गृह से दो किशोर क़ैदी फरार, चार कर्मचारियों को पीटकर किया जख्मी बंदियों ने कुछ कर्मचारियों को बंधक बनाकर पीटा।

वाराणसी। ज़िला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर गंगा पार रामनगर स्थित संप्रेक्षण गृह में सख्ती और खराब भोजन से नाराज किशोर बंदियों ने शनिवार सुबह जमकर बवाल काटा। बंदियों ने कुछ कर्मचारियों को बंधक बनाकर पीटा। परिसर में खड़ी बाइक को आग लगा दी और तोडफ़ोड़ की। घटना में चार कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह बाल बंदियों को शांत कराया। इसी बीच मौका पाकर दो बंदी फरार भी हो गए। घटना स्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी और एसएसपी के निर्देश पर फोर्स तैनात कर दी गई है।

रामनगर संप्रेक्षण गृह में शनिवार सुबह करीब 6 बजे किशोर बंदियों को नहाने के लिए घंटी बजाई गई। करीब 10 की संख्या में बंदी स्नान कर रहे थे कि तभी उनका संप्रेक्षण गृह के केयर टेकर से विवाद हो गया। गृह की व्यवस्था से नाराज किशोर बंदियों ने केयर टेकर सुरेंद्र बहादुर सिंह, प्रकाश चंद्र निषाद, भोलानाथ और संविदाकर्मी विकास सिंह को एक कमरे में बंद कर दिया।

इसके बाद सभी कर्मचारियों को जमकर पीटा। घायल स्थिति में कमरे से बाहर आने पर कर्मचारियों को पुलिस को सूचना दे दी। इससे और नाराज बंदियों ने परिसर में खड़ी बाइक को फूंक दिया। कंप्यूटर कक्ष को तहस-नहस कर दिया। रसोइयां और एक सुरक्षा गार्ड को अपने बैरक में बंदी बना लिया। इसी बीच मौके पर पहुंचे अधीक्षक क्षमानाथ सिंह ने घटना की सूचना आला अधिकारियों को दी। सूचना पाकर एसएसपी, एसपी सिटी, एसडीएम, एसडीएम सदर समेत बड़ी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंची।

यह भी पढ़ें : ग्रामीण एरिया में बैंकों की कमी डिजिटल इंडिया की राह में बड़ा रोड़ा, किसानों के लिए सिर दर्द

एसएसपी के अपील के बाद बंदियों ने करीब छह घंटे बाद बंधक बनाए गए रसोइयां और सुरक्षा गार्ड को छोड़ा। संप्रेक्षण गृह में 124 लड़के हैं और उनकी सुरक्षा में मात्र तीन सुरक्षाकर्मी थे। अधीक्षक ने बताया कि सभी लड़के आपराधिक प्रकृति के हैं और सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। वहीं दो लड़के बवाल के बीच मौका पाकर फरार हो गए हैं। एक लड़का गाजीपुर और एक वाराणसी के मछोदरी का बताया जा रहा है।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.