यूपी विधानसभा: योगी ने सपा पर साधा निशाना, कहा किसानों को 6 रुपए की बिजली 1.10 रुपए में दे रहे

यूपी विधानसभा: योगी ने सपा पर साधा निशाना, कहा किसानों को 6 रुपए की बिजली 1.10 रुपए में दे रहेयोगी अादित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के पहले शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही भी हंगामे के साथ शुरू हुई। विधानसभा की कार्यवाही आज पहले 12:20 बजे तक के लिए स्थगित की गई। इसके बाद भी जब हंगामा नहीं रुका तो फिर इसको सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

आज सदन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संबोधित किया। सदन में विपक्षी दलों के हंगामे के बारे में उन्होंने कहा कि यह विपक्षी दलों का सदन को हाईजैक करने का प्रयास है। विपक्षी दल बहुमूल्य समय को बेकार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "समाजवादी पार्टी किसान विरोधी है। हम 6 रुपए की बिजली 1 रुपए में दे रहें। किसानों को छूट वाली बिजली दे रहें। हमारी सरकार में किसानों को प्राथमिकता है। समाजवादी पार्टी सदन नहीं चलने दे रही है। समाजवादी पार्टी जातिवादी और परिवारवादी पार्टी है।"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार गरीब तथा किसान के हित में काम कर रही है। हम लोग लगातार महंगी बिजली खरीदकर गांव तथा छोटे शहरों को भी रोशन कर रहे हैं। सरकार का प्रयास जनता को बेहतर से बेहतर सुविधा देने का है।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा, "सरकार का प्रयास है कि सदन ठीक से चले। उधर विपक्ष सुनियोजित तरीके से सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद अब विपक्ष निकाय चुनाव के नतीजों से बौखला गया है। हम किसान को 6 रुपये यूनिट की बिजली एक रुपये 10 पैसे में पहुंचा रहे हैं। समाजवादी पार्टी को तो अंधेरा पसंद है। यह लोग अपने काम अंधेरे में करते हैं। विपक्ष योगी सरकार के सफलता को पचा नही पा रहा है। इनके शासनकाल में सिर्फ चार जिलों में बिजली मिलती थी। उन्होंने कहा कि विद्युत की दरें नियामक आयोग तय करता है।"

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विपक्ष ने कहा- किसान विरोधी है सरकार

वहीं, सपा नेता रामगोविंद चौधरी- (नेता विरोधीदल) ने कहा- "बिजली दरों में जो भारी इजाफा किया गया है। इससे सभी वर्ग का कमर तोड़ दिया गया है। सरकार किसान विरोधी है। सरकार अड़ियल रवैया अपनायी हुई है सदन का काम पूरे तरीके से बाधित है।"

सत्य पर असत्य की जीत हो रही है। सदन अव्यवस्थि था तो मुख्यमंत्री जी को नहीं बोलना चाहिए था। हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। हमारी बात सुनी नहीं जा रही है और हम पर आरोप लगा रहा है। हम चर्चा को तैयार है लेकिन पहले बिजली के दामों को कम करें। हम सरकार में जब आये थे तब 8000 यूनिट बिजली थी जिसको बढ़ा कर 16000 मेगावाट किया। सरकार बताए कितना बिजली उत्पादन कर रही है।

हंगामे के बाद विधानसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई है। इससे पहले हंगामे के गुरुवार को यूपी विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामे के बाद शुरू हुआ था। सुबह विपक्षी दलों के हंगामे के बाद विधानपरिषद और विधानसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थागित कर दी गई थी। विपक्षी दल सरकार से कानून व्यवस्था, किसानों की मदद और यूपीकोका के लेकर हंगामा कर रहा था। बिजली के बढ़े हुए दामों के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया था।

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