यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 15 सरकारी छुट्टियां समाप्त, 15 मई से शुरू होगा विधानसभा सत्र

यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 15 सरकारी छुट्टियां समाप्त, 15 मई से शुरू होगा विधानसभा सत्रप्रेस को संबोधित करते श्रीकांत शर्मा।

लखनऊ। प्रदेश में सरकारी और निजी जमीन पर भूमाफिया के अवैध कब्जों को रोकने के लिए सरकार ने एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन कर दिया है। जो मंडल, जिला और तहसील स्तर पर गठित होगा। थानेदारों की जिम्मेदारी होगी कि वे अगले दो महीने के भीतर भूमाफिया की सूची बनाएं। सरकार एक वेबपोर्टल के जरिये अवैध कब्जों की शिकायत स्वीकार करेगी। फिलहाल जनसुनवाई पोर्टल के जरिये ये शिकायतें दर्ज की जाएंगी। साथ ही ये भी बताया गया कि 15 मई से शुरू होगा विधानसभा सत्र, उसी दिन पेश किया जाएगा जीएसटी बिल।

दूसरे फैसले के तहत सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक स्थलों के अवैध कब्जे पर रोक लगाने का एलान किया है। इसको लेकर भी कड़ी कार्रवाई होगी। तीसरा और अंतिम सबसे बड़ा फैसला ये है कि प्रदेश सरकार ने महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि के मौके पर होने वाले 15 सरकारी अवकाशों को खत्म करने का फैसला किया है। स्कूलों में इस दिन सामान्य पढ़ाई और दफ्तरों में कामकाज होगा। एक घंटे के लिए महापुरुषों के जीवन की जानकारी को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की ये चौथी बैठक मंगलवार को लोकभवन में हुई। जिसके बाद में सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि हम जवाहर बाग अयोध्या में सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे। इस कब्जे को खाली कराने को लेकर हुई हिंसा और उसमें पुलिस अफसरों की शहादत को अब तक नहीं भूले हैं। इसलिए एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स के गठन की चुनाव पूर्व घोषणा को अब अमली जामा पहनाया गया है। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स, मंडल, जिला और तहसील के तीन स्तर पर काम करेगी। पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। दो महीने भर में प्रदेश के भूमाफियाओं को चिन्हित कर लिया जाएगा। उन्होंने दूसरे फैसले के बारे में बताया कि आए दिन देखने में आता है कि धार्मिक स्थल के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जा होता है। इसको भी रोका जाएगा। कहीं भी अगर धार्मिक स्थल के नाम पर सार्वजनिक भूमि पर कब्जा हुआ तो जिम्मेदारी थानेदार की होगी। सख्त कार्रवाई की जाएगी।

श्रीकांत शर्मा ने बताया कि, साल में काम करने के लिए वक्त कम मिलता है। इसलिए महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि के ममौके पर होने वाले 15 अवकाश अब नहीं होंगे। स्कूलों में इस दिन एक घंटे के लिए बच्चों को महापुरुषों के जीवन से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी। जबकि सरकारी दफ्तरों में भी कामकाज होगा। सरकारी दफ्तरों में भी अगर चाहें तो महापुरुषों से जुड़े आयोजन किये जा सकते हैं।

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