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गाँव कनेक्शन की खबर का असर, एसिड पीड़िता को देखने ट्रामा सेंटर पहुंचे मुख्यमंत्री

गाँव कनेक्शन की खबर का असर, एसिड पीड़िता को देखने ट्रामा सेंटर पहुंचे मुख्यमंत्रीगाॅंव कनेक्शन ने आज के अंक में एसिड अटैक पीड़िता की खबर को प्रमुखता से छापा है। गाॅंव कनेक्शन अखबार पढ़ते सीएम।

लखनऊ। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी शुक्रवार को खुद केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। यहां उन्होंने एसिड पीड़िता को देखा और उसका हालचाल पूछा। एक लाख रुपए की मदद भी की। डीजीपी जावीद अहमद को निर्देश दिए कि जांच कर सख्त एक्शन करें। मुख्यमंत्री के ट्रामा सेंटर पहुंचने की घोषणा से अफसरों के बीच हड़कंप मच गया। यहां आते ही योगी सबसे पहले एसिड पीड़िता के परिवारीजनों से मिले। गाैरतलब है कि एसिड अटैक के इस मुद्दे को गाँव कनेक्शन ने आज के अंक में प्रमुखता से उठाया है।

एसिड अटैक का मामला गुरुवार का है। तीन बार दुष्कर्म, तीन बार तेजाब से हमला, इसके बाद भी पीड़िता की हिम्मत नहीं तोड़ पाए तो आरोपियों ने उसे ट्रेन में जबरन तेजाब पिला दिया था। पीड़िता इस समय जिंदगी और मौत के बीच केजीएमयू में जूझ रही है। आज दोपहर महिला कल्याण, परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी भी एसिड अटैक की पीड़िता से मिलने ट्रामा सेंटर पहुंचीं।

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मामला शीरोज कैफे में काम करने वाली एसिड अटैक पीड़िता रजोली (काल्पनिक नाम) से जुड़़ा है। 19 जनवरी को रायबरेली जिले से विनीता सिंह नाम से शिरोज हैंगआउट कैफ़े में एक धमकी भरा पत्र आता है जिसमें लिखा होता है, “सविनय निवेदन है कि रजोली (काल्पनिक नाम) को अपनी कम्पनी से निकाल दो, नहीं तो केस वापस करवा लो। अगर यह सब नहीं किया तो रजोली के शरीर में खून नहीं तेजाब दौड़ेगा।”

गांव कनेक्शन इऩ ख़बर को आज पेज एक पर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।

खत आने के बाद एसएसपी मंजिल सैनी और तत्कालीन डीएम सत्येन्द्र सिंह ने सुरक्षा देने के पीड़िता को आश्वासन दिया था, लेकिन धमकी के दो महीने बाद ही रजोली को गुरुवार को ट्रेन के अंदर दो अज्ञात लोगों ने तेजाब पिला दिया। होली में अपने घर रायबरेली गई रजोली गुरुवार को ट्रेन से वापस लखनऊ लौट रही थी।

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पत्र की धमकी पर गौर करें तो आरोपियों के इरादे साफ थे लेकिन शायद पुलिस ही अपने आश्वासन को याद नहीं रख पाई। अगर उसे सुरक्षा मिली होती तो शायद उसके साथ आरोपी इतनी जघन्य वारदात को अंजाम नहीं दे पाते। रजोली को इस बात का हमेशा डर था कि आरोपी उसकी हत्या कर सकते हैं। 20 जनवरी 2017 को उसने गाँव कनेक्शन को बताया था, "अगर मेरे बच्चे नहीं होते तो मैं आत्महत्या कर लेती। मैं अपने बच्चों के लिए ही जलालत की जिंदगी जी रही हूं। मेरे जिस्म को उन्होंने नोचा, जलाया और काटा गया। 2008 से मैं मर-मर के जी रही हूं।"

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