यूपी डॉयल-100 को मिला आईएसओ सर्टिफिकेट

यूपी डॉयल-100 को मिला आईएसओ सर्टिफिकेटडीजीपी सुलखान सिंह ने यूपी 100 की हस्तपुस्तिका का किया विमोचन। 

लखनऊ। देश में यूपी पुलिस ने फिर एक बार नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यूपी डॉयल-100 सेवा को आईएसओ: 9001 सर्टिफिकेट मिल गया है। इसके साथ ही यह आईएसओ पाने वाला देश का पहला पुलिस कंट्रोल रूम हो गया है।

वहीं मौजूदा वक्त में डॉयल-100 की कमान इसके प्रभारी के पास होती थी, लेकिन कुछ जिलों से डॉयल-100 और थानों के पुलिसकर्मी के बीच बेहतर संवाद न होने के चलते इसकी जिम्मदारी जिलों के पुलिस कप्तानों को दे दी गई है, जो अपने-अपने जिलों में डॉयल-100 की मॉनीटिरिंग करेंगे। साथ ही डीजीपी ने खनन मामलों की डॉयल 100 पर शिकायत मिलने पर पुलिस को घटनास्थाल पर बगैर राजस्व अधिकारी के जाने से मना कर दिया है।

डीजीपी सुलखान सिंह ने यूपी पुलिस की इस कामयाबी पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि, बेहतर टेक्नोलॉजी और सराहनीय काम के लिए ये सर्टिफिकेट यूपी डॉयल-100 को प्राप्त हुआ है। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी द्वारा यूपी-100 की हस्तपुस्तिका का विमोचन किया और ISO:9001 सार्टिफिकेशन का अनावरण किया। इस दौरान डीजीपी ने कहा कि यूपी 100 का नया मैनुअल जारी किया जा रहा है, जिसे यूपी 100 से मिले डाटा को क्राइम कंट्रोल में इस्तेमाल किया जाएगा और डेटा पर शोध से क्राइम कंट्रोल में मदद मिलेगी। डॉयल 100 में मौजूदा वक्त में करीब 18 हज़ार पुलिसकर्मी कार्यरत हैं। वहीं प्रदेशभर में खनन के मामलों में यूपी डॉयल 100 को रोजाना शिकायत मिलती है, लेकिन खनन में पुलिस को बिना राजस्व अधिकारी के मौके पर नहीं जाना है। डीजीपी सुलखान सिंह ने कहा कि खनन की सूचना पर यूपी 100 जिला पुलिस को पहले सूचित करेंगी। डीजीपी ने इस मौके पर डॉयल 100 की कार्यप्रणाली भी समझी और उसे और अधिक बेहतर करने के लिए कई सुझाव दिए। वहीं अनिवार्य सेवानिवृत्ति के सवाल पर डीजीपी सुलखान सिंह ने बताया कि 50 वर्ष से ऊपर का कोई पीपीएस अफसर रिटायरमेंट योग्य नहीं मिला है, लेकिन बाकी अफसरों की स्क्रीनिंग की जा रही है।

पुलिस को मिलीं डायल 100 के तहत नई गाड़ियां। फाइल फोटो

बेहतर संवाद के लिए लांच होगा ऐप

एडीजी अनिल अग्रवाल ने जनता में बेहतर संवाद के लिए एक ऐप लांच किया जाएगा, जिसका नाम पुलिस-थाना ऐप्लीकेशन दिया गया है। इस ऐप पर आम जनता किसी की भी शिकायत दर्ज करा सकती है, जबकि इसमें भ्रष्ठ पुलिसकर्मियों का वीडियो भी अपलोड किया जा सकता है। एडीजी यूपी 100 अनिल अग्रवाल ने मैनुअल जारी करते हुए कहा कि ये पुलिस रिफॉर्म में बड़ा कदम है। इसमें हम शिकायतकर्ता को वीडियो अपलोड करने की सुविधा दे रहे हैं। एडीजी ने आगे बताया कि 108, 101 सेवा को भी यूपी 100 से जोड़ा जा रहा है।

करीब 460 लोगों की जिंदगियां बचाईं

एडीजी यूपी 100 अनिल अग्रवाल ने बताया कि यूपी 100 ने सुसाइड का प्रयास करने वाले करीब 460 लोगों की जिंदगियां बचाईं। उन्होंने बताया कि हमने थानों का वर्क लोड कम किया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि एक अप्रैल से लेकर 28 अगस्त तक कुल 22,31,652 शिकायतें दर्ज हुई हैं। यदि पुलिस के बारे में कोई शिकायत आती है तो जिलों के एसपी व एसएसपी और सीओ पर कार्रवाई होगी। वहीं इलाहाबाद और नोएडा में एक बिल्डिंग के लिए सरकार को प्रपोजल भेजा गया है। जिससे बैकअप की सुविधा मिल सकेगी। अगर यूपी 100 पर कॉल नहीं लगती है तो इसके लिए 1073 पर कॉल की जा सकती है।

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