दरवाजा खोलो, दिवाली पर पुलिस आई है 

Abhishek PandeyAbhishek Pandey   19 Oct 2017 9:50 PM GMT

दरवाजा खोलो, दिवाली पर पुलिस आई है दिवाली पर मिठाई देती यूपी पुलिस 

लखनऊ। दरवाजा खोलो पुलिस है, यह आवाज सुन बुजुर्ग रामराज सिंह अपने झोपड़े के अंदर सहम से गए, पर दरवाजा खोला तो पाया कि, यूपी पुलिस का एक दरोगा अपने मातहतों के साथ मिठाई की डिब्बा लिए खड़ा है। यह देख रामराज को अपने आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था कि, अपनों ने जिन्हें बेसहारा छोड़ दिया आज उसकी खातिर अंजान खाकी का जवान दिवाली जैसा बड़ा पर्व मनाने आया है।

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यह वाक्या देख रामराज की आंखे भर आई और दरवाजे पर खड़े दरोगा ने उन्हें गले से लगा लिया। अक्सर किसी के दरवाजे पर पुलिस की लाल बत्ती खड़ी हो जाये तो उसके दिमाग में एक ही बात सामने आती है कि, कही पुलिस उसे गिरफ्तार या अन्य कारणों से तो नहीं आई है, लेकिन इस दिवाली यूपी पुलिस हर उस बेसहारा और वृद्धा आश्रमों में जा रही है, जिन्हें अपनों ने छोड़ दिया है।

इस दिवाली पुलिस के जवान हर उस दरवाजे पर मिठाई के डिब्बों के साथ दस्तक दे रहे हैं, जहां दिवाली की खुशियां मनाने वाला कोई नहीं और गरीबी के कारण वह त्यौहार से महरूम रह गए । पुलिस का इस दिवाली मानवीय चेहरा देख उन लोगों के चेहरे खुशी से खील उठे, जो दिवाली जैसा त्यौहार मना पाने में अक्षम थे। ऐसा नहीं है कि, यूपी पुलिस यह नेक कार्य पहली बार कर रही है, इससे पूर्व भी दिवाली में पुलिस कर्मियों ने बेसहारों के साथ दिवाली मनाई थी, लेकिन इस दिवाली गरीबों और बेसहारों के साथ दिवाली पुलिस के जवान बड़े ही भव्य तरीके से मना रहे हैं।

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हरदोई जनपद में तैनात दरोगा श्याम बाबू शुक्ला बताते हैं कि, अपने थाना क्षेत्र के मैं हर उस गॉंव में गया, जिनके घर में दिवाली मनाने वाला कोई नहीं है। ऐसे लोगों के साथ दिवाली मनाने पर एक अनोखा एहसास होता है कि, हम भी अपने परिवार के साथ दिवाली मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि, दिवाली जैसा पर्व कुछ लोग गरीबी के अभाव में नहीं मना पाते, लेकिन इस वर्ष अपने बीच हमे पाकर रामराज जैसे लोगों के चेहरे खुशी से खील उठे। वहीं दूसरी ओर अमेठी जनपद में तैनात इंस्पेक्टर जेबी पाण्डेय ने क्षेत्र के वृद्ध लोगों और बेसहारों को मिठाईयां बांटी और उनके साथ खुशियां साझा कर दिवाली मनाई। उधर उन्नाव जिले के अजगैन कोतवाल इंस्पेक्टर संतोष तिवारी ने एक ऐसे बुजुर्ग के साथ दिवाली मनाई, जिसने आज से पहले कभी दिवाली मनाई। इंस्पेक्टर संतोष तिवारी और उनके मातहतों को अपने बीच पाकर बुजुर्ग संजीवन की आंखों से आंसू निकल आये, जिसे संतोष तिवारी ने पोछा और उन्हें मिठाई खीलाकर सारे गम भुला देने को कहा। कुछ इसी तरह दिवाली का त्यौहार प्रदेश भर के पुलिस कर्मियों ने गरीब और बेसहारों के बीच मनाया। आपकों बता दे कि, डीजीपी सुलखान सिंह ने भी अपने मातहतों को दिवाली गरीबों और बेसहारों के बीच मनाने का निर्देश दिया था।

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