कारोबारियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए यूपी में बनेगी एसएसएफ फोर्स 

कारोबारियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए यूपी में बनेगी एसएसएफ फोर्स cisf logo 

लखनऊ। प्रदेश में भयमुक्त माहौल देने के लिए यूपी पुलिस ने एक मसौदा तैयार किया है। जिसमें सीआईएसएफ की तर्ज पर यूपी में कारोबारियों को इंडस्ट्री लगाने पर सुरक्षा प्रदान की जायेगी। साथ ही मेट्रो स्टेशन और एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए भी इस फोर्स का प्रयोग किया जायेगा।

मंगलवार को डीजीपी सुलखान सिंह ने इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर स्टेट सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) के गठन पर चर्चा की। जिसमें अधिकारियों ने इस फोर्स के गठन का पूरा मसौदा तैयार कर शासन को भेज दिया है। शासन से अनुमोदन मिलने पर योगी सरकार कैबिनेट बैठक में इस पर अंतिम मोहर लगा इसे अमलीजामा पहना देगी।

ये भी पढ़ें-यूपी : दुर्गा पूजा और मोहर्रम पर पुलिस चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद

एडीजी (कानून-व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि, स्टेट सिक्योरिटी फोर्स का गठन सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) की तर्ज पर होगा। शुरुआत में इसमें पीएसी और सिविल पुलिस के कर्मियों को शामिल किया जाएगा। इस प्रपोजल को तैयार करने में आईजी पीएसी सतीश गणेश का महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस फोर्स के गठन के बाद प्रदेश में बाहर से आकर निवेश कर इंडस्ट्री की शुरुआत करने वाले कारोबारियों को सुरक्षित माहौल् दिया जायेगा।

इसके पीछे यूपी में कारोबार को बढ़ाव देकर युवाओं को रोजगार प्रदान करने की योजना है। साथ ही एसएसएफ ऐसे धार्मिक व विशेष स्थल जहां पहले से सीआईएसएफ या केंद्रीय बल तैनात है, वहां राज्य सरकार अपना बल तैनात करेगी। आनंद कुमार ने बताया कि काशी, मथुरा, अयोध्या और आगरा समेत कई जगहों पर मौजूदा समय सीआईएसएफ तैनात है। इन सभी स्थलों पर एसएसएफ की तैनाती का प्रस्ताव है।

ये भी पढ़ें-योगी सरकार नए नियम बना शिक्षामित्रों की राह बना रही और मुश्किल : शिक्षा मित्र

वहीं आईजी पीएएसी सतीश गणेश ने कहा कि, लखनऊ, गाजियाबाद और नोएडा में मेट्रो स्टेशनों के साथ-साथ प्रदेश में कई जिलों में बनने जा रहे हवाई अड्डों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी एसएसएफ के जिम्मे होगी। इस फोर्स के गठन के लिए एडीजी सुरक्षा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। एसएसएफ का मसौदा तैयार हो रहा है उसमें प्राइवेट कंपनियों को भी सुरक्षा के लिए फोर्स उपलब्ध कराई जा सकेगी। अभी तक प्राइवेट कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था केवल प्राइवेट गार्डों के हवाले था, जिसमें अपराधिक घटनाएं शामिल होने पर इन प्राइवेट गार्डों पर ही शक जाता था और पुलिस जांच ज्यादातर मामलों में इनकी ही संलिप्तता पाई जाती थी। लेकिन इस फोर्स के गठन के बाद प्रदेश में कारोबार के लिए एक बेहतर माहौल उत्पन्न होगा।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Share it
Share it
Top