आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस होगा यूपी पुलिस का सिग्नेचर भवन 

Abhishek PandeyAbhishek Pandey   16 Dec 2017 5:25 PM GMT

आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस होगा यूपी पुलिस का सिग्नेचर भवन यूपी पुलिस के सिग्नेचर भवन का ब्लू प्रिंट तैयार। फोटो साभार: यूपी पुलिस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की बहु-मंजिला 'सिग्नेचर भवन' की सुरक्षा के लिए अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह भवन आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा, जिसमें लगभग 500 उच्च-रिजोल्यूशन क्लोज सर्किट सीसीटीवी कैमरे और बेहतर तकनीक शामिल होगी।

सुरक्षा व्यवस्था का ब्लू प्रिंट तैयार

भवन में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बायोमैट्रिक रूप से चिन्हित किया जाएगा। पुलिस महानिरीक्षक पीएसी ए. सतीश गणेश की अध्यक्षता वाली एक समिति ने मैराथन चर्चा के बाद सुरक्षा व्यवस्था का ब्लू प्रिंट तैयार कर अंतिम रूप दे दिया है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

किया जा रहा है विश्लेषण

यूपी पुलिस की बहु-मंजिला 'सिग्नेचर भवन' गोसाईगंज के अर्जुनगंज इलाके में बन रहा है। यह भवन आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा, जिसमें लगभग 500 उच्च-रिजोल्यूशन क्लोज सर्किट सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। पुलिस मुख्यालय की अभेद्य सुरक्षा के लिए आवश्यक विभिन्न आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का विश्लेषण किया जा रहा है।

कई पुलिस एजेंसिया एक छत के नीचे

िस महानिरीक्षक पीएसी ए. सतीश ग

पुलिस महानिरीक्षक पीएसी ए. सतीश गणेश बताते हैं, “सिग्नेचर भवन में सुरक्षा व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा, क्योंकि इस इमारत में पुलिस मुख्यालय, जहां पुलिस महानिदेशक, पुलिस प्रांतीय सशस्त्र कंटबुलरी, भर्ती बोर्ड, प्रशिक्षण निदेशालय, खुफिया एजेंसियों सहित कई पुलिस की एजेंसियां एक छत के तहत शामिल होंगी, जिसके माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान किया जाएगा।“ उन्होंने आगे कहा, “इमारत का पूरा काम होने की संभावना एक वर्ष की अवधि में उम्मीद है।“

ये रहेंगी खूबियां

सतीश गणेश बताते हैं, “इस भवन में नई तकनीक के उपकरण अंदर और बाहर निकलने के द्वार पर स्थापित किया जाएंगे। भवन में सेंसर के माध्यम से वाहनों की चेकिंग होगी, जिससे कोई भी अंजान शख्स यहां अपनी गाड़ी को आसानी से प्रवेश नहीं कर पाएगा।“ आगे कहा, “वाहन स्कैनर को प्रवेश और बाहर निकलने के गेट पर भी स्थापित किया जाएगा, जो इमारत के अंदर बगैर चेंकिग के पहुंचने की अनुमति नहीं देगा। साथ ही प्रत्येक स्थान पर सेंसर लगाया जाएगा, जो संदिग्ध वस्तुओं और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले वाहनों की गति का पता लगा पाएंगा।“

तत्काल निपटने के लिए जवान तैयार रहे

सतीश गणेश ने आगे बताया, “परिसर की बाहरी सीमा की दीवार पर भी बख़्तरबंद गाड़ियों का इंतजाम किया जाएगा, जिससे किसी अनहोनी में तत्काल निपटने के लिए जवान तैयार रहे।“ आईजी ने बताया, “इमारत में आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का बायोमेट्रिक पहचान पत्र होगा, जिससे कर्मचारियों की उपस्थिति को बायोमैट्रिक रूप से चिह्नित किया जा सके। साथ ही इमारत में आग लगने की स्थिति में अलार्म सिस्टम को लगाया जायेगा। इमारत के अंदर धुएं के लिए सेन्सर्स और कार्बन मोनोऑक्साइड संवेदक सहित तीन प्रकार की आग का पता लगाने उपकरण लगाये जायेगे, जिससे कोई हादसा होने पर अलार्म सिस्टम तत्काल बजने लगे। इसके अलावा भवन की सुरक्षा के लिए 200 सुरक्षा कर्मियों के लिए एक बैरक का निर्माण भी किया गया है।“

इमारत की छत पर एक हेलीपैड भी होगा

उन्होंने आगे कहा, “किसी भी प्रकार के संदिग्ध शख्स से निपटने के लिए सुरक्षा कर्मियों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया जाएगा। इमारत की छत पर एक हेलीपैड भी होगा। हेलीपैड के माध्यम से प्रदेश भर में किसी घटना में अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंच सके।“ आईजी ए सतीश गणेश ने कहा, “भवन में आने वाले आगंतुकों का रिसेप्शन और सुविधा केंद्र भी होगा, जिसमें एक समय में कम से कम 200 लोगों के बैठने का इंतजाम होगा। आने वाले आगंतुकों के बैगेज की चेकिंग के लिए स्कैनिंग मशीन होगी। आगंतुकों को परिसर के भीतर जाने के लिए तस्वीर पहचान पत्र दिया जायेगा। साथ ही विजिटर को किसी विशेष कार्यालय में जाना हो तो डिजिटल पहचान पत्र भी उपलब्ध कराया जायेगा।“

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