यूपीः लखनऊ के इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में मनाया जा रहा पहला योग महोत्सव, देखें तस्वीरें

यूपीः लखनऊ के इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में मनाया जा रहा पहला योग महोत्सव, देखें तस्वीरेंयूपी का पहला योग महोत्सव।

दीपांशु मिश्रा, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। लखनऊ। लखनऊ के इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश का प्रथम योग महोत्सव आयिओजित किया गया, जिसकी थीम ''योग इस मेडिसिन'' रखी गयी। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तरप्रदेश के राज्यपाल राम नाइक और बाबा रामदेव उपस्थित रहे। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में करीब 3 हज़ार लोगों ने योग के गुर सीखे।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, राज्य स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति एसपी सिंह, गुजरात संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति चन्द्र सिंह झाला और हजारों की तादात में लोगों ने हिस्सा लिया।

महोत्सव का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि राम नाइक ने बताया, ''योग अभूत अनिवार्य चीज है, जिसे हमे नियमित रूप से करना चाहिए। मेरी आज उम्र 83 वर्ष है और मै आज यहां इस उम्र में खड़ा हूं यह देन योग की ही है। मेरा और सूर्य नमस्कार का बहुत पुराना रिश्ता है। उन्होंने आगे बताया, ''मुझे 60 वर्ष की उम्र में कैंसर हुआ था और कैंसर तो ठीक हो गया, लेकिन उसके बाद आज मै यहां हूं इसका भी कारण योग ही है। आप लोग इस तीन दिवसीय महोत्सव में आप लोग बहुत कुछ सीख कर जायेंगे।''

वहीं भारत माता की जय बोलते हुए बाबा रामदेव ने कहा, ''योग शरीर के लिए अत्यंत उपयोगी है इसे दिनचर्या के रूप में गठित करना चाहिए। योग के कारण मनुष्य किसी भी बीमारी के पास नहीं जाता है क्योंकि योग एक बीमारी भगाने वाली मशीन है। इस तीन दिवसीय योग महोत्साव में आप लोग बहुत कुछ सीखेंगे।'' उन्होंने आगे बताया, ''देश में मोदी और प्रदेश में योगी आज योग के कारण ही पहुंचे है। इस समय पतंजली 9000 करोड़ रूपये की कंपनी है और आगे एक नंबर पर ये कंपनी पहुंचने वाली है लेकिन इसमें से एक भी पैसा मेरा नहीं है। सारा का सारा पैसा भारत माता का है, इस देश का है।'' उन्होंने उत्तरप्रदेश में संस्कृत बोर्ड की बात की। उन्होंने सरकार से योग को अनिवार्य शिक्षा के रूप में किये जाने की बात की।

आयोजित महोत्सव में उप मुख्यमंत्री ने बताया, ''बाबा रामदेव ने केवल देश में ही नहीं विदेशों तक योग के जरिये देश का नाम रोशन किया है। योग मनुष्य के लिए अत्यंत उपयोगी है इसे अपनी दिनचर्या के रूप में लिया जाना चाहिए। बाबा रामदेव एक ऎसी मशीन है जिन्हें करोड़ों रूपये देकर भी नहीं खरीदा जा सकता है।''

उन्होंने आगे बताया, ''उन्होंने बाबा रामदेव द्वारा संस्कृत बोर्ड बनाने के लिए अपन वरिष्ठो से बात करेंगे। उन्होंने संस्कृत के अध्यापको को बहुत कम वेतन मिलता है। इस पर भी मै विचार करूंगा। मै आज ही अपने विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित करूंगा कि योग को अनिवार्य शिक्षा के रूप में लिया जाये।''

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