यूपी में सिर्फ 15 दिनों में चेक होंगी बोर्ड की तीन करोड़ कापियां 

यूपी में सिर्फ 15 दिनों में चेक होंगी बोर्ड की तीन करोड़ कापियां 10वीं-12वीं की परीक्षार्थियों की कापियों का मूल्यांकन 27 अप्रैल से शुरू होंगा।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। मात्र औपचारिकता बन गयी यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की कापियों का मूल्यांकन भी कहीं मात्र औपचारिता साबित न हो जाये। लगभग तीन करोड़ कापियां में बंद 54 लाख परीक्षार्थियों का भविष्य इस बार भी मात्र 15 दिनों में तय करने का निर्णय किया गया है।

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यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट और हाईस्कूल परीक्षार्थियों की कापियों का मूल्यांकन 27 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है जिसको पन्द्रह दिनों में पूरा किये जाने के आदेश दिये गये हैं। इसके लिए पूरे उत्तर प्रदेश में 274 मूल्यांकन केन्द्र बनाये गये हैं जिसमें लगभग सवा लाख परीक्षकों की ड्यूटी लगायी गयी हैं।जिसमें से बड़ी संख्या में परीक्षकों के ड्यूटी पर न पहुंच पाने की संभावना हैं।

कॉल्वेन ताल्लुकेदार्स इंटर कॉलेज के शिक्षक एसकेएस राठौर कहते हैं, “मूल्यांकन कार्य में हर वर्ष शिक्षकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हमेशा ही पूरे संख्या में परीक्षक मूल्यांकन कार्य के लिए नहीं पहुंचते हैं। इसके बाद कापियां जांच रहे उन परीक्षकों का बोझ बढ़ा दिया जाता है जो पहले से मूल्यांकन जैसा मेहनत का काम कर रहे होते हैं। इससे परीक्षार्थियों के साथ न्याय नहीं हो पाता। क्योंकि परीक्षक संख्या से ज्यादा कापियां जांचते हुए ऊब महसूस करने लगता है और वह सवाल जवाब ठीक से पढ़ नहीं पाता है। इसलिए रिजल्ट भले ही पन्द्रह दिन देर से निकले लेकिन मूल्यांकन सही तरह से होना चाहिये और मूल्यांकन कार्य के दिन बढ़ाये जाने चाहिये।”

पिछले कई वर्षों से न तो परीक्षा के समय कक्ष निरीक्षक ही अपनी जिम्मेदारी निभाने पहुंचते हैं और न ही मूल्यांकन के समय परीक्षक। इसके चलते उन परीक्षकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है जो मूल्यांकन के कार्य में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे होते हैं।

क्वीन्स इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. आरपी मिश्र कहते हैं, “हमेशा ऐसा होता है कि मूल्यांकन कार्य जब शुरू होता है तो एक परीक्षक को सुबह 10 से 4 बजे तक कापियां जांचनी होती हैं। हमेशा ही परीक्षकों की कमी कक्ष निरीक्षकों की तरह बनी ही रहती है तो उसके बाद समय दो घंटे बढ़ाकर सुबह 9 से 5 बजे, फिर दो घंटे और बढ़ाकर सुबह 8 से शाम 6 बजे तक का कर दिया जाता है। समय के साथ कापियों की संख्या बढ़ती रहती है और परीक्षक बस औपचारिकता मात्र करता है। परीक्षा में बैठे मेहनती बच्चों के साथ इंसाफ नहीं हो पाता तो वहीं कई बार जो मेहनत नहीं करते हैं उनको उम्मीद से ज्यादा मिल जाता है।”

खास बात यह है कि मूल्यांकन कार्य की तिथि 27 अप्रैल घोषित की गयी है। अभी इंटरमीडिएट की परीक्षाएं जारी हैं जो 21 अप्रैल का समाप्त होंगी। इसके ठीक अगले दो दिनों में उन परीक्षाओं का संचालन भी होना है जो किन्हीं कारणों से स्थगित कर दी गयी थीं।

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