यूपी एसटीएफ के पास झांसे में फंस रहे व्यापारियों की आ रही शिकायतें

यूपी एसटीएफ के पास झांसे में फंस रहे व्यापारियों की आ रही शिकायतें

डिजिटल मुद्रा से बढ़ा धोखाधड़ी का मामला।

भारत में पिछले कुछ वर्षों से बिटकॉइन की लोकप्रियता बढ़ी है, पर जालसाज इस लोकप्रियता का ही लाभ उठाकर आम लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं। इस डिजिटल मुद्रा के जरिए देश में धोखाधड़ी का मामला बढ़ता जा रहा है।

इस सिलसिलले में यूपी एसटीएफ ने देश में पहली बार बिटकॉइन के जरिए धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। इस खुलासे के बाद से एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के साइबर सेल में (एसटीएफ) बिटकॉइन संबंधित धोखाधड़ी की कई शिकायतें बढ़ गई हैं। शिकायतकर्ताओं में मुख्य रूप से व्यापारी वर्ग है, जो चंद दिनों में करोड़ों कमाने के फेर में इन जालसाजों का शिकार हो रहा है।

हाल ही में यूपी एसटीएफ ने अपने तरह के बिटकॉइन का धोखाधड़ी का पता लगाया था, जब इलाहाबाद जिले से एक रैकेट का खुलासा हुआ था। मुख्य आरोपी मोहम्मद अज़द उर्फ
अश्रफ को 7 दिसंबर को चारबाग, लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था।

यूपी एसटीएफ में साइबर अपराध सेल के नोडल अधिकारी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि, "पिछले कुछ महीनों में बिटकॉइन धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों में तेजी आई है"। उन्होंने कहा कि, बिटकॉइन धोखाधड़ी की कम से कम छह शिकायतें 7 दिसंबर के बाद साइबर सेल ने दर्ज की है।

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साइबर धोखेबाज कई ग्रे पॉइंटों का फायदा उठा रहे हैं और कारोबारियों को धोखा देने के लिए बिटकॉइन लेनदेन की वेबसाइट पर नजर बनाए हुये हैं। जालसाज बिटकॉइन वेबसाइट पर लेनदेन करने वालों को टारगेट कर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। त्रिवेणी सिंह ने बताया कि, "कुछ मामलों में बिटकॉइन लेनदेन करने वाले कारोबारियों का पासवर्ड हैक कर कारोबारियों को ठगने का काम कर रहे हैं। जबकि अन्य मामलों में बिटकॉइन के लेनदेन प्रक्रिया को बगैर सत्यापन किए अलग-अलग ई-पर्स में स्थानांतरित किया जा रहा है।

गाजियाबाद जिले के शिकायतकर्ताओं में से एक, नवीन पांडेय ने कहा कि, अपने ई-वॉलेट से 27.9 लाख रुपए के बिटकॉइन को खो दिया है। उन्होंने कहा कि, अपने ई-बटुए में मौजूद बिटकॉइन को 3 दिसंबर को अज्ञात ई-वॉलेट के पास बगैर वेरिफिकेशन के स्थानांतरित कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि, डिजिटल करेंसी वेबसाइट की शिकायत विभाग में इस मामले की शिकायत भी की, लेकिन बिटकॉइन वालों ने मेरे ई-वॉलेट में रुपयों को वापस नहीं किया। इसके बाद उन्होंने एसटीएफ साइबर सेल को बिटकॉइन ई-वॉलेट से धोखाधड़ी होने की जानकारी दी। प्रारंभिक जांच में एसटीएफ ने पाया कि, पीड़ित नवीन पाण्डेय के बिटकॉइन इ ई-वॉलेट के पासवर्ड सहित अन्य डिटेल जालसाजों ने धोखाधड़ी कर हासिल कर लिया। जो बगैर किसी वेरिफिकेशन के जालसाजों ने अपने ई-वॉलेट में ट्रांसफर करवा लिया। एसटीएफ की माने तो जांच चल रही है, लेकिन इस प्रकार की अनधिकृत संस्था का कोई नियामक प्राधिकरण नहीं है, जिसके चलते इन पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है।

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इसी तरह, जयपुर स्थित एक व्यापारी, राजा तिवारी को उत्तर प्रदेश में व्यापारिक निवेश के नाम पर बिटकॉइन एक्सचेंज धोखाधड़ी के जरिए कई लाख रुपए का धोखा दिया गया था। तिवारी ने पुलिस को बताया कि, धोखेबाज के एक गिरोह ने उसे आकर्षक व्यवसाय के प्रस्ताव में फंसा लिया और उसमें निवेश करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि, धोखाधड़ी करने वालों ने बिटकॉइन के रूप में उनके पास से रुपया लिया और फरार हो गए। एसटीएफ के एक अधिकारी ने कहा, " इस मामले पर काम कर रहे हैं, लेकिन ऐसे पैसे के लेन-देन को ट्रैक करने के लिए मुश्किल काम है, क्योंकि इसके लेनदेन के लिए कोई अधिकृत एजेंसी नहीं है।"

उन्होंने कहा कि, जालसाजों ने बिटकॉइन के रूप में रुपया स्वीकार किया और डिजिटल मुद्रा में अन्य बिटकॉइन उपभोक्ताओं और व्यापारियों को बेचकर इसे भुनाया होगा। बैंक से नकदी लेन-देन को पकड़ा जा सकता है, लेकिन इसे ट्रैक करना असंभव है।

बिटकॉइन के जरिए धोखाधड़ी का शिकार हरियाणा के व्यापारी, पंकज गर्ग भी हुए हैं। उन्होंने कम कीमतों पर बिटकॉइन की पेशकश मिलने पर लाखों रुपया धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। जालसाज मूल रूप से विभिन्न डिजिटल मुद्रा लेनदेन वेबसाइटों पर एक ग्राहक आईडी बनाते हैं और बिटकॉइन बेचने के लिए दूसरे ग्राहकों को अपने जाल में फंसाते हैं। जालसाजों ने सबसे पहले कारोबारियों को कम कीमतों पर बिटकॉइन खरीदने के लिए प्रलोभन दिया और यहां तककि उनका विश्वास जीतने के लिए कुछ को अपनी ई-पर्स में रुपए ट्रांसफर कर दिया गया। जब कारोबारियों को इन जालसाजों पर भरोसा हो जाता है तब वह लाखों रुपए की बिटकॉइन बैंक खाते के जरिए खरीद लेते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद यह बिटकॉइन फर्जी निकलने पर यह कारोबारी ठगी का शिकार हो रहे हैं।

अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार को भी देखकर प्रभावित हो रहे दूसरे लोग

बिटकॉइन से कमाई करने वालों में बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन भी शामिल हो गए हैं. बच्चन परिवार ने ढाई साल पहले मेरीडियन में लगभग 1.6 करोड़ रुपये का जो इन्वेस्टमेंट किया था, उसकी वैल्यू अब 110 करोड़ रुपये के आसपास हो चुकी है।

बिटकॉइन को लेकर वॉल स्ट्रीट और कई फाइनेंशियल मार्केट्स में जो दीवानगी पैदा हुई है, उसके चलते ही ऐसा हुआ। जबकि भारत जैसे देश में अमिताभ बच्चन को फॉलो करने वालों की संख्या करोड़ों में है। इसी क्रम में बिटकॉइन से अमिताभ के करोड़ों कमाने की खबर पाकर पाकर दूसरे लोग भी प्रभावित हुए हैं। लेकिन साइबर अधिकारियों की माने तो अमिताभ बच्चन सुरक्षित ट्रांजेक्शन करते हैं, पर उनके इतना जागरूक अन्य ग्राहक नहीं है, इसलिए वह जालसाजी का शिकार हो रहा है।

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वहीं 2015 में अमिताभ बच्चन ने मेरीडियन टेक पीटीई में 1.6 करोड़ रुपये का निवेश किया था। यह सिंगापुर की एक फर्म है। यह छोटी टेक्‍नोलॉजी और फाइनेंशियल फर्म है। हालांकि पिछले हफ्ते तस्‍‍‍‍‍वीर नाटकीय रूप से बदल गई, जब मेरीडियन की प्राइम एसेट Ziddu.com को एक अन्य विदेशी कंपनी लॉन्गफिन कॉर्प ने खरीद लिया। यह अधिग्रहण लॉन्गफिन कॉर्प के अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज नैस्डेक पर लिस्टिंग के दो दिनों बाद किया गया।

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