अंडा उत्पादन में यूपी फिसड‍्डी

अंडा उत्पादन में यूपी फिसड‍्डीतीन साल से मुर्गीपालन को बढ़ावा दे रही सरकार। 

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में तो आगे है, लेकिन वर्तमान समय में अंडा उत्पादन अभी भी पिछड़ा हुआ है। सरकार के साथ मुर्गीपालकों ने भी इसे बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इसके बावजूद अभी भी उत्पादन कुछ खास नहीं है।

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“उत्तर प्रदेश में अंडा उत्पादन को लेकर देर से योजनाओं को शुरू किया गया। शुरू में कुछ मिथ ऐसे सामने आए, जैसे जो अंडे देने वाली मुर्गियां हैं उनके लिए यहां का मौसम अनुकूल नहीं है। लोगों में जानकारी का अभाव भी एक कारण था।” ऐसा बताते हैं केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ एबी मंडल।

अपनी बात को जारी रखते हुए डॉ मंडल ने आगे बताया, “पिछले तीन वर्षों में सरकार भी इस व्यवसाय को बढ़ावा दे रही है। मुर्गीपालकों के कई नई योजनाएं लागू की हैं। जिस तरह सरकार ने 10,000 कॉमर्शियल लेयर फार्मिंग की शुरुआत की है। ऐसे ही 5,000 कॉमर्शियल लेयर फार्मिंग की शुरुआत की जानी चाहिए। ताकि छोटे किसान इसका लाभ उठाएं और उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।” भारत में सबसे ज्यादा अंडे का उत्पादन आंध्र प्रदेश में होता है। दूसरे में स्थान पर तमिलनाडु, तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र, चौथे पर हरियाणा, पांचवे पर पंजाब, 6वें स्थान पर उत्तर प्रदेश है।

उत्तर प्रदेश सरकार कुक्कुट विकास नीति 2013 के तहत 30 हजार और 10 हजार कॉमर्शियल लेयर फार्मिंग योजना चलाई जा रही है। साथ ही विभाग लोगों को इस योजना के तहत जागरुक भी कर रहा है। इस के लक्ष्य को भी पूरा कर दिया गया है। आने वाले समय में प्रतिदिन की मांग को भी हम पूरा कर सकेंगे।
डॉ. वीके सचान, संयुक्त निदेशक, उत्तर प्रदेश कुक्कुट विभाग

“उत्तर प्रदेश सरकार कुक्कुट विकास नीति 2013 के तहत 30 हजार और 10 हजार कॉमर्शियल लेयर फार्मिंग योजना चलाई जा रही है। इसके साथ- साथ विभाग द्वारा लोगों को इस योजना के तहत जागरुक भी किया जा रहा है। इस वर्ष का जो लक्ष्य रखा गया उसको भी पूरा कर दिया गया है। आने वाले समय में प्रतिदिन मांग को भी हम पूरा कर सकेंगे।” ऐसा बताते हैं, उत्तर प्रदेश कुक्कुट विभाग के सयुक्त निदेशक डॉ वीके सचान। उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान समय में प्रदेश में प्रतिदिन 52 लाख अंडे का उत्पादन हो रहा है जबकि प्रदेश में अंडे की प्रतिदिन खपत एक करोड़ की है। इसकी पूर्ति के लिए अन्य राज्यों से अंडा मंगाया जा रहा है।

कुक्कुट विकास नीति 2013 के तहत पहले 30 हजार पक्षियों की कामर्शियल यूनिट संचालित की जाती थी जिसमें मुर्गी पालकों को एक करोड़ 80 लाख रुपए की लागत आती थी जबकि 10,000 पक्षियों की कॉमर्शियल यूनिट में 70 लाख रुपए का खर्चा आता है। योजना से एक लाभार्थी ज्यादातर दो यूनिट स्थापित कर सकता है।

अंडा दिवस पर बोले थे कृषि मंत्री

वर्ष 2016 में विश्व अंडा दिवस के मौके पर कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने भी कहा था, “सरकार और उद्योग जगत को अंडों का उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उत्पादन तभी बढ़ेगा जब पॉल्ट्री क्षेत्र में काम करने वालों का सही मूल्य मिलेगा। अंडे की प्रति व्यक्ति उपलब्धता करीब 63 प्रतिवर्ष की है जबकि राष्ट्रीय पोषण संस्थान के अनुसार यह आंकड़ा प्रति व्यक्ति करीब 180 अंडों का होना चाहिए। हमें इस स्तर को हासिल करने के लिए अंडों का उत्पादन तिगुना करना होगा।”

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