इस फसल की पैदावार में नंबर एक बना उत्तर प्रदेश

इस फसल की पैदावार में नंबर एक बना उत्तर प्रदेशयूपी के किसानों ने बढ़ाया प्रदेश का मान।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस वर्ष गन्ना का औसत उपज 723.76 कुंतल प्रति हेक्टेयर हुई है। ये प्रदेश के इतिहास की सर्वाधिक औसत उपज है। इस वर्ष की औसत उपज गत वर्ष की औसत उपज 664.68 कुंतल प्रति हेक्टेयर से 59 कुन्टल प्रति हेक्टेयर अधिक है।

यह जानकारी गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 87.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जो अब तक का रिकार्ड चीनी उत्पादन है तथा प्रदेश इस वर्ष चीनी उत्पादन में पहली बार देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।

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द्विवेदी ने बताया कि प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ने से न केवल प्रदेश में गन्ना पेराई गत वर्ष के सापेक्ष 1825.68 लाख कुंतल अधिक हुई है। प्रदेश के गन्ना कृषकों को 5568.32 करोड़ की अधिक आय भी प्राप्त हुई है। द्विवेदी ने बताया कि औसत उपज में शामली जनपद प्रथम स्थान पर रहा जिसकी औसत उपज 843.40 कुन्टल प्रति हेक्टेयर दर्ज की गयी।

मेरठ एवं मुजफ्फरनगर क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे जिनकी औसत उपज क्रमशः 832.28 कुंतल प्रति हेक्टेयर एवं 828.56 कु./हे. रही है। जनपद शामली की औसत उपज गत वर्ष की औसत उपज 807.76 कु./हे. से 35.64 कु./हे. एवं जनपद मेरठ की औसत उपज गत वर्ष की औसत उपज 794.68 कु./हे. से 37.60 कु./हे. अधिक दर्ज की गयी। जनपद हापुड़ की औसत उपज इस वर्ष 785.64 कु./हे. रही जो गत वर्ष की औसत उपज 676.56 कु./हे. से 109.08 कु./हे. अधिक है। इस प्रकार औसत उपज में सर्वाधिक वृद्धि जनपद हापुड़ मे रिकार्ड की गयी।

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गन्ना आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में पौधा एवं पेडी गन्ना दोनों की औसत उपज में गत वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज की गयी। पौधे की औसत उपज में गत वर्ष के सापेक्ष वृद्धि 62.64 कु0/हे0 एवं पेडी में 53.16 कु0/हे0 रिकार्ड की गयी।

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