उत्तर प्रदेश : कर्ज माफी का इंतजार कर रहे किसानों के लिए खुशखबरी, बैंकों ने भेजी डिटेल

उत्तर प्रदेश : कर्ज माफी का इंतजार कर रहे किसानों के लिए खुशखबरी,  बैंकों ने भेजी डिटेलकृषि उत्पादन आयुक्त चंद्र प्रकाश।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खुशख़बरी है। किसानों की कर्ज माफी की पूरी जानकारी बैंकों ने शासन को भेज दी है, इसमें से चुनाव किया जा रहा है कि कौन-कौन लाभान्वित होगा, जिसके बाद जल्द ही घोषणा की जाएगी।

उत्तर प्रदेश में महाराष्ट्र और पंजाब से पहले कर्ज माफी हुई थी लेकिन कौन-कौन किसान इसके दायरे में हैं ये पता नहीं है। इस बारे में 'गाँव कनेक्शन' से विशेष बातचीत में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा, "इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा, बैंकों से जानकारी आ गई है, लेकिन इसमें देखा जाएगा कि कौन-कौन से लघु एवं सीमांत किसान हैं। किन्हें लाभ दिया जाना है। किसानों का कुल 36 हजार करोड़ का कर्ज़ माफ होना है।"

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किसानों को हाईटेक तकनीक की जानकारी देने के लिए उनके खेतों में कृषि के जानकार पहुंच के जानकारी देंगे। एक खेत में तकनीक का प्रस्तुतीकरण करने से पूरे गाँव के किसान इससे लाभान्वित होंगे। किसानों तक उन्नत खेती की जानकारी पहुंचाने के लिए कृषि विभाग की योजना को बताते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त चंद्र प्रकाश ने 'गाँव कनेक्शन' से कहा, "प्रदेश भर में करीब 60,000 ऐसे डेमॉस्ट्रेशन किए जाएंगे। जो प्रदेश भर में शुरू भी हो चुके हैं।"

प्रदेश में सरकारी खरीद केन्द्रों पर गेहूं की खरीद लक्ष्य से कम 43 प्रतिशत ही होने पर कृषि उत्पादन आयुक्त चंद्रप्रकाश ने कहा, "मामला लक्ष्य का नहीं है, जब सरकार ने खरीददारी शुरू की तो प्राइवेट वेंडर्स ने भी अच्छे दाम देने शुरू कर दिए, हम किसी से जबरदस्ती तो नहीं कह सकते कि अपना गेहूं खरीद केन्द्र पर बेचे, मंशा यह थी कि किसानों को अच्छी कीमत मिले। सरकार ने सुविधा दे रखी थी कि किसान चाहें तो वहां बेच सकते हैं, लेकिन अगर उससे अच्छा दाम कहीं और मिल रहा है तो वहां बेचेगा।"

उत्तर प्रदेश सब्जी और फल के उत्पादन में तो नंबर वन है, लेकिन सही तरीके से मार्केटिंग और कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था न होने से 20 प्रतिशत उत्पाद खराब हो जाते हैं, जबकि बाकी के औने-पौने दाम पर मजबूरी में बेचना पड़ता है। "इसके लिए 58 ब्लॉकों में 50 प्रतिशत की सब्सिडी पर पीपीपी मॉडल पर कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे। ताकि कृषि उत्पादों को संरक्षित किया जा सके," कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा।

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साथ ही किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए शुरू की गई ई-नाम मंडी की व्यवस्था के बारे में कृषि उत्पादन आयुक्त ने बताया, "प्रदेश का किसान कहीं भी ई-नाम मंडी के जरिए अपना उत्पाद बेच सकता है। इससे उसे उचित मूल्य मिल सकेगा।"

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