पहली बार ऑनलाइन धान बेच सकेंगे किसान

पहली बार ऑनलाइन धान बेच सकेंगे किसानधान ओसाती महिलाएं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के धान उत्पादक किसानों को अपनी उपज का पूरा लाभ मिल सके और धान खरीद की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रहे इसलिए इस बार खरीफ विपणन वर्ष-2017-18 में किसानों से ऑनलाइन धान खरीदने का फैसला सरकार ने किया है।

1 अक्टूबर से शुरू हो रही धान खरीद केन्द्रों पर इस बार ई-क्रण प्रणाली सिस्टम को लागू किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए खाद्ध् एवं रसद विभाग के आयुक्त आलोक कुमार ने बताया '' धान क्रय सिस्टम में इस बार ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। जिसमें धान बेचने वाले किसान खाद्ध् एवं रसद विभाग की वेबसाइट http://fcs.up.nic.in/ पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ''

उन्होंने बताया कि पहली बार लागू हो रही इस व्यवस्था में किसानों को कोई असुविधा न हो इसके लिए सभी क्रय केन्द्रों पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। किसान जन सूचना केन्द्र, अपने निजी कंप्यूटर या लैपटाप और साइबर कैफे की मदद से अपना रजिस्टे्रशन कर सकते हैं।

देश के दिल में बसा तितलियों का संसार

प्रदेश में खरीफ सीजन में धान की खरीददारी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए 3 हजार क्रय केंद्र खोलने का काम चल रहा है। इन क्रय केन्द्रों पर सरकार की तरफ से नामित एजेंसियों की तरफ से 1 अक्टूबर से धान की खरीददारी शुरू हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों से खरीफ वर्ष 2017-18 के लिए 50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदने की घोषणा की है। जिसमें सामान्य धान को न्यूनतम समर्थन मूल्य 1550 प्रति कुन्तल और ग्रेड धान को 1590 प्रति कुन्तल की दर से खरीदा जाएगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य की खरीद पर किसानों को प्रति कुंतल धान पर 10 रूपए की जगह 15 रुपये बोनस भी दिया जाएगा। किसानों को धान बेचने पर आरटीजीएस के माध्यम से 72 घंटे के अंदर भुगतान कर दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में एक अक्टूबर 2017 से 31 जनवरी तक लखीमपुर, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ, आगरा, झांसी और चित्रकूट मंडल में और 1 नवंबर से 28 फरवरी, लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई जिलों के साथ ही कानपुर, फैजाबाद, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और इलाहाबाद में धान की खरीद की जाएगी।

इस गाँव में बेटी के जन्म पर लगाए जाते हैं 111 पौधे, बिना पौधरोपण हर रस्म अधूरी होती है

धान खरीदने वाली सभी क्रय एजेन्सियों को एनआईसी की तरफ से विकसित किए गए साफ्टवेयर पर आनलाइन धान की खरीद सुनिश्चित करने को कहा गया है, इसके लिए सभी एजेंसियां को कम्प्यूटर, लैपटाप, आइपैड और इन्टरनेट कनेक्शन की सुविधा की व्यवस्था रहेगी।

प्रत्येक धान क्रय केन्द्र पर किसानों की सुख-सुविधा के लिए मंडी समिति की तरफ से पीने की पानी की व्यवस्था, बाल्टी, लोटा, गिलास, मिट्टे के मटके, वाहन पार्किंग की व्यवस्था, किसानों के लिए शामियाना, तख्त और दरी की व्यवस्था की जाएगी। धान की छंटाई के लिए हर प्रकार के छन्ने, पंखे, इलेक्ट्रानिक कांटा, धान की नमी जांचने के लिए नमी मापक यंत्र, पावर ड्रायर, धान की सुरक्षा के लिए त्रिपाल और लाइट की व्यवस्था भी करने का आदेश दिया गया है।

बैंक खाते से बार-बार पैसा कटने से परेशान हैं, तो ये तरीका अपनाइए, न्यूनतम बैलेंस होने पर भी नहीं कटेगा पैसा

सरकार की तरफ से खोले गए धान क्रय केन्द्रों पर किसानों को उनकी उपज का घोषित समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है और निर्धारित मानक का पालन हो रहा है कि नहीं इसकी जांच समय-समय पर जिलाधिकारी, अपर जिला अधिकारी, प्रभारी धान खरीद अधिकारी, उप जिलाधिकारी, खाद्य विभाग के मंडल, जिला और ब्लाक स्तर के अधिकारी सहित मंडी सचिव के करेंगे। अगर धान क्रय केन्दों पर किसी भी प्रकार की गड‍़बडी मिली तो यह संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

किसान ऐसे कराएं अपना ऑनलाइन पंजीकरण

धान बेचने वाले किसान धान बेचने से पहले अपनी जोतबही, खाता नंबर खतौनी की कंप्यूराइज्ड प्रति, आधार कार्ड, बैंक का पासबुक और अपनी पासपोर्ट साइज फोटो को अपने पास रख लें। खाद्ध् एवं रसद विभाग की वेबसाइट के होम पेज पर पर जाकर त्वरित लिंक पर क्लिक करें। यहां पर धान खरीद हेतु कृषि पंजीकरण नामक लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद एक एक फार्म का प्रारूप खुलेगा, इसको डाउनलोड कर लें।

इस प्रारूप में किसान को सबसे पहले अपना नाम, जेंडर, पिता का नाम, अपनी श्रेणी, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, अपना पूरा पता, बैक खाते का पूरा विवरण कितने रकबे में धान की बुवाई की है उसको भरें। एक स्टेप्स से लेकर छह स्टेप्स तक यह फार्म भरने के बाद एक बार इसकी जांच करे लें, फिर इसकी फाइनल प्रिंट लें। इसके बाद सबमिट करने का बटन दबाए। एक वैरीफिकेशन नंबर आएगा उसको संबंधित बाक्स में भरने के बाद दोबारा सबमिट का बटन दबाए। फार्म सबमिट के बाद एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा इसके बाद यह फार्म लॉक हो जाएगा।

डेरा सच्चा सौदा को हरियाणा सरकार ने दिया तगड़ा झटका, 51 लाख की सरकारी घोषणा वापस ली

Share it
Top