योगी के गड्ढा मुक्ति अभियान को अंगूठा दिखा रही सड़क

योगी के गड्ढा मुक्ति अभियान को अंगूठा दिखा रही सड़कपहले पुर्जी भर देने से सड़के बन जाती थीं।

वेदव्रत गुप्त

जसवंतनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सत्ता की कुर्सी पर बैठने के समय से ही प्रदेश में गढ्ढा मुक्त सड़कों का सपना दिखा रहे हैं मगर सपना दूर की कौड़ी बन गया है। क्योंकि निर्माण एजेंसियों के अफसर तबादला और कार्यवाही की चक्की में पीसे जाने से बचने के लिए काम करने की बजाय हाथ पर हाथ रखे रहना ज्यादा महफूज मान रहे हैं।

जसवंतनगर इलाका, जो योगी के सत्तारूढ़ होने से पहले तक पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह के कारण इस विभाग का चहेता इलाका था, अब एक एक गढ्ढा भरने तक को मोहताज है। पहले पुर्जी भर देने से सड़के बन जाती थीं।

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नगर के लुधपुरा मोहल्ले से गुजरकर सिद्धार्थ महाविद्यालय होते कैस्थ और कचौरा बाई पास को जोड़ने वाली पौने दो किलोमीटर लंबी सड़क को अगर आप देख लें , तो आप जान जाएंगे कि इस सड़क के गड्ढे वास्तव में जान लेवा है। 7 महीनों में इस सड़क ने अपनी दुर्दशा के दिन और भी ज्यादा देखें हैं । अब सड़क जगह जगह गड्ढों में तब्दील होकर अपना अस्तित्व ही खो बैठी है ।

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नगर में रेलमंडी मोहल्ले में रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण अधूरा पड़ा होने से कचौरा , वाह, फतेहाबाद जाने वाले वाहन अब लुधपुरा मोहल्ला रोड से ही गुजर रहे है कि स्कूलों के विद्यार्थी और सिद्धार्थ कालेज के हजारों छात्र इसी रोड से सड़क के गड्ढों में गिरते, पड़ते पढ़ने जाने को मजबूर हैं। कई एक्सीडेंट भी इस सड़क के गड्ढों और उनमें भरे रहने की वजह से जानलेवा हुए हैं ।

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