बनारस की फिल्म सिटी किसी से कम नहीं 

Vinod SharmaVinod Sharma   28 Jun 2017 1:47 PM GMT

बनारस की फिल्म सिटी किसी से कम नहीं कंदवा ग्राम स्थित फिल्म सिटी

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

वाराणसी। फिल्म सिटी का नाम सुनते ही आमतौर पर नोएडा और हैदराबाद शहर का ख्याल हमारे दिमाग में आता है। फिल्म सिटी का नाम आते ही बनारस के लोगों की नजर पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस स्थित ग्रामसभा कंदवा पर आकर टिक जाती है। कंदवा जिला मुख्यालय से करीब 17 किमी दूर है। इस फिल्म सिटी के अंदर सारी सुविधाएं मौजूद हैं।

फिल्म सिटी परिसर में फिल्म एंड टेलीविजन रिचर्स प्रशिक्षण संस्थान भी है, जहां एक्टिंग, डांसिंग, डायरेक्शन, एडिटिंग, साउंड रिकार्डिंग, सिनेमटोग्राफी की ट्रेनिंग दी जाती है। गरीब बच्चों को यह संस्थान नि:शुल्क प्रशिक्षण देता है, इसके अलावा फिल्म, टेलीविजन, सीरियल, फिचर फिल्म और एड फिल्म भी बनाई जाती है। यहां से प्रशिक्षण लेकर करीब 150 कलाकार टेलीविजन और फिल्म जगत में काम कर रहे हैं।

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संस्थान के डायरेक्टर डॉ. डीएल कश्यप खुद लेखक, निर्माता और फिल्म निर्देशक हैं। डॉ. कश्यप को दस बच्चे हैं, एक को छोड़कर सभी फिल्म सिटी से जुड़े हैं। कोई बेटा डायरेक्टर, कोई कैमरामैन, कोई लाइटमैन, कोई मेकअप आर्टिस्ट, कोई कोरियोग्राफर, कोई राइटर है। परिसर में जिम भी है। इस संस्थान की स्थापना 2015 में हुई, जिसका उद्घाटन तत्कालीन राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल ने किया था।

डॉ. कश्यप बताते हैं, “इस संस्थान को उच्च स्तरीय बनाने का प्रयास जारी है। फिल्म बंधु योजना के तहत प्रदेश सकरार से आर्थिक मदद की बात चल रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरा सहयोग का भरोसा दिलाया है।” डॉ. डीएल कश्यप बताते हैं, “अगर उनकी योजना मूर्तरूप लेती है तो पूर्वांचल और आसपास के लड़कों और लड़कियों को मुंबई जाने की जरूरत नहीं होगी।”

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