गरीब बच्चों के लिए वरदान आर्या पाठशाला

गरीब बच्चों के लिए वरदान आर्या पाठशालाफोटो इंटरनेट।

अश्वनी द्विवेदी, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। झुग्गी-झोपड़ी व फुटपाथ पर रहने वाले बच्चों को ‘आर्या पाठशाला’ में बेहतर शिक्षा मिल रही है, साथ ही उन्हें खेलने की सुविधा भी दी जा रही है। स्कूल में गरीब बच्चों के लिए लाइब्रेरी की सुविधा भी है।

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लखनऊ के चिनहट के बीरमपुर गाँव की समाज सेविका रमा तिवारी ने सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से फुटपाथ व झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले रहने वाले शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए आर्या पाठशाला की स्थापना की है, जिसमें बच्चों को न केवल पढ़ाया जा रहा बल्कि उनके लिए खेलने की भी व्यवस्था की गई है।

फैजाबाद के एक छोटे से गाँव बीकापुर खजुराहट में जन्मी रमा तिवारी को प्राथमिक से लेकर स्नातक तक की शिक्षा के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा पर रमा ने हार नहीं मानी और फैजाबाद छोड़कर लखनऊ आ गईं। बेटी आर्या को पालने के साथ ही रमा ने एमएसडब्लू की डिग्री हासिल की और आजीविका चलाने के लिए नौकरी करनी शुरू की। प्रयोग के तौर पर बीरमपुर गाँव में प्रथम पाठशाला शुरू की गयी है।

द सोसाइटी फॉर एजुकेशन, स्किल डवलेपमेंट एण्ड पब्लिक हेल्थ संस्था के तत्वावधान में स्कूल का संचालन किया जा रहा है। रमा तिवारी बताती हैं, “मेरी बेटी आर्या चाहती है कि उसकी तरह गरीब बच्चों के भी पढ़ाई-लिखाई का प्रबंध किया जाए। बिटिया की प्रेरणा से आर्या पाठशाला शुरू की है, जिसका उद्घाटन आर्या ने किया।” सोसाइटी ने बच्चों को पढ़ाने के लिए 12 शिक्षकों की नियुक्ति की है। स्वंयसेवी चिकित्सकों द्वारा बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए मेडिकल-कैम्प भी लगाया जाएगा।

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