गाँव में मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों ने पल्स पोलियो की टीम को बैरंग लौटाया 

गाँव में मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों ने पल्स पोलियो की टीम को बैरंग लौटाया पल्स पोलियो टीम का बहिष्कार करते ग्रामीण। 

अनिल राजपूत, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

औरैया। विकास खंड रसूलाबाद क्षेत्र के कठिउरा गाँव के ग्रामीणों ने समस्याओं का निस्तारण न होने पर पोलियो की खुराक पिलाने पहुंची टीम को वापस कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, वे पल्स पोलियो टीम को गाँव में नहीं घुसने देंगे।

जिला मुख्यालय से विकास खंड क्षेत्र के ग्राम कठिउरा गाँव की सड़क बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे हैं। यही नहीं, ग्राम प्रधान ने स्वच्छता अभियान के तहत गाँव में शौचालय भी नहीं बनवाए हैं। मूलभूत जरूरतों को तरस रहे ग्रामीणों ने अपने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने से न सिर्फ इनकार कर दिया, बल्कि पल्स पोलियो टीम को बैरंग लौटा दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि थानापुर्वा से मेन सड़क से कठिउरा गाँव की दूरी एक किमी है। यह रास्ता कच्चा है, जिसे आज तक नहीं बनवाया गया। प्रधान, सेक्रेटरी, बीडीओ इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। गाँव के लोगों का कहना है कि प्रधान वीरभान पाल हैं, जबकि पूरा कार्य किरण कुमार उर्फ भोले देखता है।

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प्रधान को नहीं मालूम कहां से आता है बजट

ग्राम प्रधान वीरभान पाल से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि बजट नहीं है। अशिक्षित होने की वजह से प्रधान को मालूम ही नहीं है कि पैसा कहां से लेना है विकास कार्यों के लिए। अब ग्रामीण कैसे उम्मीद करें कि ग्राम प्रधान विकास कार्य करा पाएगा।

पोलियो की खुराक पिलाने पहुंची टीम की सदस्य रमाकांती ने बताया, “गाँव के लोगों ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने से इनकार कर दिया है।”

कानपुर देहात के मुख्य चिकित्साधिकारी सुरेंद्र कुमार रावत से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब लोगों ने बहिष्कार ही कर दिया है तो और क्या किया जा सकता है। इस बारे में जिले के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

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