लाखों के खर्च के बाद भी शोपीस बनी पानी की टंकी 

लाखों के खर्च के बाद भी शोपीस बनी पानी की टंकी कस्बे में लाखों खर्च कर बनवाई गई टंकी महज शो-पीस बनकर रह गई है।

दिपिका रस्तोगी, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

लखनऊ। ग्रामीणों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मलीहाबाद तहसील के माल कस्बे में लाखों खर्च कर बनवाई गई टंकी महज शो-पीस बनकर रह गई है। निर्माण होने के बाद भी जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते उपयोग में न आने से टंकी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।

लखनऊ जनपद मुख्यालय से महज 33 किमी की दूरी पर स्थित विकास खंड माल में ग्रामीण भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। सरकार ने पेयजल संकट से निपटने और ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पेयजल योजना के अन्तर्गत वर्ष 2014-15 में इस टंकी का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था जल निगम द्वारा कराया था।

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इसके निर्माण में लगभग डेढ़ वर्ष का समय लगा था और बड़ी धनराशि भी खर्च की गयी थी। सरकार की मंशा के अनुरूप कस्बा सहित ग्राम बीरपुर, श्यामा, गांगन और बरौली गाँव के लगभग दस हजार से अधिक निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। जिसके लिए कस्बा सहित चारों गाँवों में पाइप लाइन बिछाकर कनेक्शन प्वाइंट भी बना दिए गए पर कनेक्शन किसी को नहीं दिया गया।

किन कारणों से लोगों को वाटर कनेक्शन नहीं दिए गया और संचालन बंद है, इसकी जांच कराकर जल्द चालू कर दिया जाएगा।
दिनकर विद्यार्थी, खंड विकास अधिकारी, माल

इस सम्बन्ध में खण्ड विकास अधिकारी माल दिनकर विद्यार्थी ने बताया, “जल निगम ने अपनी समस्त औपचारिकताएं पूरी करने के लगभग एक वर्ष पहले ही टंकी को पंचायत को सौंप दिया था। लेकिन किन कारणों से लोगों को वाटर कनेक्शन नहीं दिए गया और संचालन बंद है, इसकी जांच कराकर जल्द चालू कर दिया जाएगा।”

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