किसान बोले-बजट के माध्यम से शीघ्र हो ऋणमाफी का निपटारा

किसान बोले-बजट के माध्यम से शीघ्र हो ऋणमाफी का निपटाराकिसानों से बात की गई तो सभी ने एक स्वर कर्जमाफी को लेकर सरकार के रूख की ओर इशारा किया।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

गोरखपुर। योगी सरकार के इस प्रथम बजट से किसानों को काफी उम्मीदें हैं। जिले के किसान कर्जमाफी का शीघ्र निपटारा चाहते हैं, क्योंकि सरकार की घोषणा के बाद किसान दुविधा में है। बैंक से नएकर्ज के लिए केसीसी पर लोन नहीं हो रहा है। इसके अलावा खरीफ फसलें जो तबाह हो चुकी है। उसका किसानों को उचित मुआवजें का बजट में प्रावधान हो। बजट से किसानों को क्या उम्मीदें है? इसीमुद्दे पर जिले के कुछ किसानों से बात की गई तो सभी ने एक स्वर कर्जमाफी को लेकर सरकार के रूख की ओर इशारा किया।

गगहा ब्लॉक के बेदुली गाँव निवासी उदयप्रताप सिंह (40 वर्ष)ने बताया,“ ऋण माफी को लेकर स्पष्ट आदेश नहीं आने से किसान दुविधा की स्थिति में है। इसको लेकर योगी सरकार का रूख आजस्पष्ट हो जाना चाहिए। क्योंकि किसानों की कर्जकाफी के मामले का निपटारा नहीं होने से केसीसी पर बैंक नया कर्ज दे रहे हैं। खरीफ के सीजन में किसान को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़रहा है।”

यह भी पढ़ें : जहां नहीं चल पाएंगे ट्रैक्टर और बैल वहां काम करेगी ये मशीन

ब्रह्मपुर ब्लॉक के पलिपा गाँव निवासी रामरूप गुप्ता (70 वर्ष)ने बताया,“ योगी सरकार को कर्जमाफी की समस्या निपटरा कर देना चाहिए। क्योंकि किसान अब इसको लेकर परेशान हो रहा है। वहींखरीफ की फसलें तेज बारिश से तबाह हो रही हैं, इसकी भरपाई के लिए सरकार को उचित मुआवजे का प्रावधान करना चाहिए। इस वक्त किसान आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है।”

बड़हलगंज ब्लॉक के दुबौली गाँव निवासी दिनेश दुबे (45 वर्ष) ने बताया,“ योगी सरकार से काफी उम्मीदें हैं। किसानों की ऋणमाफी का शीघ्र निबटारा हो जाए, ताकि बैंक से नये लोन का रास्ता साफ होसके। बताया कि खरीफ की फसलें तबाह हो रही है, इसकी भरपाई के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।”

बेलघाट ब्लॉक के बेलघाट गाँव के लक्ष्मण प्रसाद (41 वर्ष) ने बताया,“ कर्जमाफी का रास्ता साफ नहीं होने से बैंक से नये लोन नहीं मिल रहे हैं। इस वक्त आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।लगातार हो रही बारिश से फसलें तबाह हो रही है। इसको लेकर भी चिंताएं बढ़ गईं हैं। सरकार को फसलों के नुकसान पर उचित मुआवजे का प्रावधान बजट में करना चाहिए।”

Share it
Share it
Share it
Top