अधिवक्ता दिवस पर मुख्यमंत्री योगी ने प्रथम राष्ट्रपति को किया नमन

Ashwani DwivediAshwani Dwivedi   3 Dec 2017 7:37 PM GMT

अधिवक्ता दिवस पर मुख्यमंत्री योगी ने प्रथम राष्ट्रपति को किया नमनअधिवक्ता दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद की मूर्ति का माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

लखनऊ। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ० राजेन्द्र प्रसाद की स्मृति में उनके जन्मदिवस को ‘अधिवक्ता दिवस' के रूप में प्रत्येक वर्ष 3 दिसंबर को मनाया जाता है।

"अधिवक्ता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने लखनऊ के कैसरबाग स्थित ग्लोब पार्क में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद की मूर्ति का माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। राजेन्द्र प्रसाद जन्म 3 दिसंबर, 1884 को बिहार के एक छोटे से गांव जीरादेई में हुआ था। इनकी स्मृति में भारत मे 3 दिसंबर को अधिवक्ता समुदाय द्वारा प्रत्येक वर्ष अधिवक्ता दिवस के रूप में धूम-धाम से मनाया जाता है।

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ग्लोब पार्क में इस मौके पर विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य मंत्री, विधायक नीरज बोरा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियो ने भी माल्यार्पण कर देश कर प्रथम राष्ट्रपति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उन्होंने अपने व्यक्तिगत ट्विटर अकाउंट पर उनकी फोटो पोस्ट कर ट्वीट किया कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख क्रांतिकारी एवं भारतीय संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की जयंती पर शत शत नमन।

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डॉ० राजेन्द्र प्रसाद स्वयं एक विद्वान अधिवक्ता थे। वह भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे, जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में प्रमुख भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में भी अपना योगदान दिया था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे। उन्होंने 12 वर्षों तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करने के पश्चात वर्ष 1962 में अपने अवकाश की घोषणा की। सम्पूर्ण देश में अत्यन्त लोकप्रिय होने के कारण उन्हें राजेन्द्र बाबू या देशरत्न कहकर पुकारा जाता था। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 1962 में उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

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