मुफ्त देंगे बिजली कनेक्शन, बिल लेंगे केवल 157 रुपए

मुफ्त देंगे बिजली कनेक्शन,  बिल लेंगे केवल 157 रुपएमुफ्त बिजली कनेक्शन देगी सरकार।

लखनऊ। गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने के साथ बिजली का बिल अधिक न हो, इसके लिए गांव गांव में एक अभियान शुरू की जानी है। पावर कारपोरेशन की ओर से अफसरों को नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें गरीब परिवारों को मुफ्त कनेक्शन देने के साथ ही उनका मासिक बिल 153 रुपये से अधिक न हो, इसके लिए बीपीएल परिवारों को बिजली खर्च करने के तरीके से सिखाए जाएंगे। चार एलईडी, दो ट्यूब लाइट और एक पंखा रोज 10 घंटे तक चलने पर बिल 153 रुपये आएगा। इस कनेक्शन को देने के बाद गांवों में बिजली चोरी रोकी जाए, इसके लिए प्रत्येक डिवीजन के एक्सईएन को जिम्मेदारी दी गई है। एक्सईएन के डिवीजन को जितने यूनिट बिजली दी जाएगी, उससे बदले में उतने यूनिट का बिल लिया जाएगा। जिससे अफसर बिजली चोरी रोकने का दबाव बढ़ेगा।

इसके तहत योगी सरकार ने बीपीएल परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने के लिए राज्य भर के सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 624 स्थानों पर कैम्प लगाए गए। 23 जुलाई को लगे इन मेगा कैम्पों में बीपीएल परिवारों को मुफ्त 58 हजार 596 कनेक्शन दिए गये। वहीं, अन्य उपभोक्ताओं को सस्ते व आसान किश्तों पर 27 हजार 505 कनेक्शन दिए गए। एक दिन में 86101 उपभोक्ताओं को विद्युत कनेक्शन देकर ऊर्जा विभाग ने रिकार्ड कायम किया है।

सबसे बड़ी चुनौती अब बिजली की खपत कम कराना

परिवारों को मगर अब सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन कनेक्शनधारियों से कम बिजली की खपत कराना है। पावर कारपोरेशन के एक आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अगर गरीब परिवारों का बिजली का बिल बढ़ा तो वे बिल देना बंद कर देंगे। इससे डिफाल्ट अमाउंट बढ़ेगा व उपभोक्ता को बिजली कटने का खतरा भी झेलना पड़ेगा।

प्रदेश सरकार प्रत्येक बीपीएल परिवार को मुफ्त बिजली कनेक्शन देगी। जबकि बाकी को बहुत सस्ती दरों पर किस्तों में कनेक्शन दिये जाएंगे। मगर इसके लिए जरूरी होगा सभी बिजली का बिल जमा करें। गरीबों पर बिजली का बोझ न बने, इसको लेकर जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे।
श्रीकांत शर्मा, ऊर्जा मंत्री, उप्र.

दूसरी ओर पावर कारपोरेशन को भी लंबे समय तक मुफ्त बिजली देनी होगी। इसलिए विभाग के अधिकारियों ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत गांव में बीपीएल परिवारों का बिजली बिल प्रत्येक माह 153 से 200 रुपये के बीच से अधिक न हो। पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता जेबी सिंह ने बताया कि, गांव में कुछ दलाल ग्रामीणों को भ्रमित करते हैं कि अगर वे वैध कनेक्शन लेंगे तो उनको बिजली विभाग हजारों रुपये महीने का बिल भेजेगा। इसलिए वह ग्रामीणों से 100-200 रुपये लेकर उनको कटिया लगाकर बिजली जोड़ने के लिए कहता है। मगर वास्तविकता में ऐसा नहीं है।

ये है बिजली खर्च का अनुमानित पैमाना

बीपीएल उपभोक्ताओं मासिक बिल राशि 4 एलईडी 36 वाट, 2 ट्यूब लाइट 40 वाट और एक पंखा 80 वाट कुल 156 वाट पंखा होगा। औसत प्रति दिन 10 घंटे का उपयोग करता है। 30 दिन की खपत बीपीएल परिवार के लिए अधिकतम इकाइयां बिलकुल बिल राशि निश्चित शुल्क रुपये 153 होगी। जिसमें सभी तरह के अधिभार, रेंट, उपकर और बिल शामिल होंगे। इसमें अगर रोजना के पांच घंटे टीवी और फोन चार्जिंग के भी मिला दिये जाएं तो कुल खर्च 200 रुपये से अधिक नहीं होगा। ऐसे में लोगों के लिए वैध कनेक्शन लेना सबसे बेहतर विकल्प है। किसी भी अवैध कनेक्शन या दलाल के जाल में फंसना उचित नहीं है।

बिजली चोरी रोकने के लिए कसेगा एक्सई पर शिकंजा

बिजली चोरी रोकने के लिए पावर कारपोरेशन ने अब प्रदेश भर के एक्सईएन पर शिकंजा कसा है। पावर कारपोरेशन के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि, जिसके तहत एक एक्सईएन को उतनी बिजली का बिल का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित करना होगा, जितने यूनिट उसको वितरण के लिए मिलेंगे। इसमें लान लाइस का एक संभावित अंश निकाल कर बाकी पूरा बिजली बिल प्रत्येक तिमाही में पावर कारपोरेशन तक पहुंचाना होगा।

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